पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : पिछले पांच सालों में अच्छे दिन के वादे के साथ सत्ता में आई भाजपा सरकार असल में एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के लिए अच्छे दिन लेकर आई है। हालांकि यह अजीब लगता है कि भाजपा सरकार के दौरान पिछले पांच सालों में मौलाना बदरुद्दीन अजमल की संपत्ति दोगुनी हो गई है। गौरतलब है कि जब बदरुद्दीन अजमल ने 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा तो उनकी कुल संपत्ति 78.80 करोड़ रुपए थी। लेकिन इस बार 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ रहे सांसद बदरुद्दीन अजमल ने बुधवार को चुनाव आयोग में अपना हलफनामा दाखिल किया, जिसमें उन्होंने अपनी मौजूदा संपत्ति 155 करोड़ रुपए बताई है। यानी पांच सालों में अजमल की संपत्ति में 76.27 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ।  मोदी सरकार के पिछले पांच वर्षों में एआईयूडीएफ प्रमुख की संपत्ति लगभग दोगुनी हो गई है।

गौरतलब है कि बदरुद्दीन अजमल ने दुबई में अपने पूर्व कारोबार के साथ ही इस बात का खुलकर खुलासा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार बनने के बाद उन्हें अपने कारोबार में सहयोग मिला है। सांसद ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले दिनों कारोबार पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी है। धुबड़ी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे बदरुद्दीन अजमल ने चुनाव आयोग में जो हलफनामा दाखिल किया है उसमें कहा गया है कि हालांकि उनकी कुल संपत्ति 150 करोड़ रुपए से अधिक है, लेकिन वे 2,15,000 रुपए नकद के साथ यह चुनाव लड़ रहे हैं।

अजमल के पास बैंक जमा में 48.23 लाख रुपए, बांड और शेयर में 11 करोड़ रुपए और कंपनियों और ट्रस्टों में 15 करोड़ रुपए का निवेश हैं। 90 लाख रुपए की लग्जरी गाड़ी के मालिक अजमल के पास 12 लाख रुपए के आभूषण हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अजमल की पत्नी के पास कोई आभूषण नहीं है। हलफनामे में बताया गया है कि अजमल के पास 28.34 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति और उनकी पत्नी रिजवाना बदरुद्दीन अजमल के पास 54 लाख रुपए की अचल संपत्ति है।

इस प्रकार बदरुद्दीन अजमल के पास कुल 123 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। अजमल की पत्नी के पास भी 2.41 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। इनमें 42 लाख रुपए की कृषि भूमि, 66 करोड़ रुपए की गैर-कृषि भूमि और 58 करोड़ रुपए की आवासीय इमारतें शामिल हैं। गौरतलब है कि 2009 जब उन्होंने सांसद के रूप में जीत हासिल की तब बदरुद्दीन अजमल की संपत्ति 30-35 करोड़ रुपए थी और 2014 में उनकी संपत्ति 43 करोड़ रुपए थी।