नई दिल्ली :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में गरीबों से 'लूटा गया' और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कुर्क किया गया धन जनता को वापस मिले। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने बताया कि मोदी ने कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा के खिलाफ पार्टी की उम्मीदवार और पूर्ववर्ती राजघराने की सदस्य अमृता रॉय के साथ टेलीफोन पर बातचीत में यह बात कही। भाजपा के एक नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'राजमाता' अमृता रॉय से कहा कि भ्रष्टाचारियों ने आम जनता का पैसा लूटा है और ईडी ने उन भ्रष्टाचारियों से जो भी संपत्ति और धन जब्त किया है, उसे गरीब जनता को वापस दिया जाए... यह सुनिश्चित करने के लिए वह कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं।

भाजपा नेताओं के अनुसार, मोदी ने कहा कि एक तरफ वर्तमान केंद्र सरकार देश से भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है तो दूसरी तरफ सारे भ्रष्ट एक दूसरे को बचाने के लिए एक साथ आ गए हैं। प्रधानमंत्री और रॉय के बीच हुई बातचीत का विवरण देते हुए पार्टी के नेताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री का अनुमान है कि राज्य में नौकरी पाने के लिए रिश्वत के रूप में दी गई राशि करीब 3,000 करोड़ रुपए है। मोदी ने रॉय से कहा कि वह लोगों को इसके बारे में बताएं। उन्होंने कहा कि सत्ता में वापस आने के तुरंत बाद वह ऐसा रास्ता निकालेंगे, ताकि लोगों के पैसे वापस मिलें। प्रधानमंत्री ने कहा कि जरूरत पडऩे पर कानूनी विकल्प भी तलाशा जाएगा। मोदी ने भ्रष्टाचार के एक मामले में ईडी द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद उन्हें समर्थन देने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि जिन लोगों ने आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ शिकायत की थी, उन्होंने अब अपना रुख बदल लिया है।

हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि उनकी प्राथमिकता देश नहीं, बल्कि सत्ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा नीत गठबंधन युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए, भ्रष्टाचार मुक्त देश के लिए लड़ रहा है, जबकि सभी भ्रष्ट एक दूसरे को बचाने के लिए एक साथ आ गए हैं। रॉय 18वीं सदी के स्थानीय राजा कृष्णचंद्र रॉय के परिवार से हैं। मोदी ने उन लोगों पर पलटवार भी किया, जिन्होंने भाजपा द्वारा उन्हें (रॉय को) उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद कथित तौर पर अंग्रेजों का समर्थन करने के लिए इस राजघराने पर निशाना साधा।

रॉय ने मोदी से कहा कि उनके परिवार को 'देशद्रोही' कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृष्णचंद्र रॉय लोगों के लिए काम करते थे और उन्होंने सनातन धर्म को बचाने के लिए अन्य राजाओं से हाथ मिलाया था। इस पर मोदी ने रॉय से कहा कि वह ऐसे आरोपों से कतई पेरशान ना हों। उन्होंने कहा कि वे (तृणमूल) वोट बैंक की राजनीति करते हैं और सभी प्रकार के अनर्गल आरोप लगाएंगे।