पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, असम का कहना है कि गुवाहाटी की वायु गुणवत्ता को लेकर एक भ्रामक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि गुवाहाटी विश्व की दूसरी सबसे प्रदूषित शहर है। बोर्ड का कहना है कि स्विस वायु गुणवत्ता प्रौद्योगिकी संगठन आईक्यूएयर की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में औसत पीएम 2.5 सांद्रता के आधार पर गुवाहाटी को मध्य और दक्षिण एशिया में दूसरे सबसे प्रदूषित शहर के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। एजेंसी ने वर्ष 2023 के लिए गुवाहाटी में पीएम 2.5 सांद्रता 105.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक होने की सूचना दी, जो कथित तौर पर मध्य और दक्षिण एशियाई देशों के क्षेत्रीय शहरों के लिए दूसरी सबसे अधिक सांद्रता है। इसी आईक्यूएयर रिपोर्ट में दिल्ली में औसत पीएम 2.5 सांद्रता 92.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर बताई गई है।
ऐसे में गुवाहाटी में पीएम 2.5 का मान दिल्ली से अधिक बताया गया है। इस भ्रामक खबर से राज्य में लोगों में दहशत फैल रही है। पीसीबीए स्पष्ट करता है कि गुवाहाटी में वायु प्रदूषण स्तर (पीएम 2.5 सांद्रता) आईक्यूएयर द्वारा रिपोर्ट किए गए स्तर से बिल्कुल नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह सभी संबंधितों की जानकारी के लिए है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, असम गुवाहाटी में बामुनिमैदाम में पीसीबीए मुख्यालय, कॉटन विश्वविद्यालय, गोपीनाथ बरदलै अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और आईआईटी-गुवाहाटी, इन चार स्थानों पर परिष्कृत सतत परिवेश वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों (सीएएक्यूएमएस) के माध्यम से 365 दिनों के लिए 24 x 7 आधार पर परिवेशी वायु गुणवत्ता की निगरानी करता है। इन सीएएक्यूएमएस से उत्पन्न गुणवत्ता डेटा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एमओईएफ और सीसी, भारत सरकार द्वारा दर्ज किया जाता है और कोई भी इन डेटा को https://airquality.cpcb.gov.in/AQI_India/पर ऑनलाइन एक्सेस कर सकता है।
इन सीएएक्यूएमएस में उपयोग की जाने वाली तकनीक यूएसईपीए और भारत सरकार द्वारा अनुमोदित है। इन सीएएक्यूएमएस से क्रमश: जुलाई, 2023 और जनवरी, 2023 में दर्ज गुवाहाटी के वायु गुणवत्ता डेटा का रिकॉर्ड 2023 में औसत मासिक पीएम 2.5 सांद्रता 52.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्शाया गया है जिसमें अधिकतम सांद्रता (98.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) और न्यूनतम सांद्रता (22.62 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) दर्शाया गया है। रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2022 में गुवाहाटी शहर में औसत पीएम 2.5 सांद्रता 52.61 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी जो आईक्यूएयर रिपोर्ट का खंडन करता है, जिसके डेटा स्रोत का पता नहीं है।
आईक्यूएयर रिपोर्ट की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 के लिए गुवाहाटी में औसत पीएम 2.5 सांद्रता 105.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर बताई गई है, जो सीपीसीबी और राज्य बोर्डों के माध्यम से भारत सरकार द्वारा दर्ज किए गए वास्तविक मूल्य से लगभग 200 प्रतिशत अधिक बताई गई है। गौरतलब है कि जैसा कि रिपोर्ट में दर्शाया गया है और प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा उजागर किया गया है, बहुत खराब गुणवत्ता वाली हवा का सामान्य जीवन, नागरिकों की गतिविधियों, नागरिकों के स्वास्थ्य आदि पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा, जिसे गुवाहाटी में कहीं भी नहीं देखा गया है। पीसीबीए ने गुवाहाटी के नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे बिना किसी डर के अपनी सामान्य गतिविधियां करें और ऐसी अवैज्ञानिक और बेतुकी रिपोर्टों को खारिज करें।