पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : चुनाव का मतलब ही लगता है हेलीकाप्टर की चमक। चुनाव के दौरान अगर राजनीतिक दल आसमान में हेलीकॉप्टर नहीं उड़ा सकते तो चुनाव प्रचार अधूरा लगता है। चुनाव प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर लेकर आने वाले उम्मीदवारों और नेताओं के भाषण सुनने के बजाए  हेलीकॉप्टर देखने के लिए ही भीड़ जुट जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कुछ अल्पसंख्यक क्षेत्रों में उम्मीदवारों के भाग्य का निर्धारण करने में हेलीकॉप्टर राजनीति का काफी प्रभाव होता है। पिछले लोकसभा चुनाव की तरह इस बार भी राजनीतिक दल चुनाव प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर उड़ाने की तैयारी में हैं। सत्तारूढ़ भाजपा हेलीकॉप्टर किराए पर लेकर अपने चुनाव अभियान में शीर्ष पर है। सीएम डॉ.शर्मा पहले ही पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में हेलीकॉप्टर लेकर प्रचार के लिए उतर चुके हैं। इस चुनाव में प्रचार के लिए भाजपा कुल 3 हेलिकॉप्टर किराए पर लिए हैं। मुख्यमंत्री  हिमंत विश्वशर्मा भाजपा द्वारा चार्टर्ड तीन हेलीकॉप्टरों में से एक में प्रचार करेंगे। दूसरे हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और अन्य शीर्ष नेता चुनाव प्रचार के लिए करेंगे। तीसरे हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल असम में प्रचार के लिए आए राष्ट्रीय नेता और स्टार प्रचारक करेंगे। हालांकि, भाजपा अपने सहयोगी दलों एजीपी और यूपीपीएल की ओर से प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर का भी उपयोग करेगी। पार्टी सूत्रों ने पुष्टि की कि भाजपा के साथ-साथ एआईयूडीएफ और कांग्रेस ने भी चुनाव प्रचार के लिए एक-एक हेलीकॉप्टर किराए पर लिया है।  एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने भी अपने और पार्टी के दो अन्य उम्मीदवारों के प्रचार के लिए एक हेलीकॉप्टर किराए पर लिया है। बदरुद्दीन अजमल पहले ही अल्पसंख्यक इलाकों में हेलीकॉप्टर उड़ाकर भारी वोट हासिल करने में कामयाब हो चुके हैं। विपक्षी कांग्रेस पार्टी  ने एक हेलीकॉप्टर भी किराए पर लिया है। हेलीकॉप्टर का उपयोग मुख्य रूप से धुबड़ी निर्वाचन क्षेत्र में रकीबुल हुसैन के साथ-साथ राज्य नेतृत्व और स्टार प्रचारकों के प्रचार के लिए किया जाएगा। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के खर्च की अधिकतम सीमा 90 लाख रुपए तय की है। लेकिन यह तय है कि कुछ लोग चुनाव प्रचार में काले धन का इस्तेमाल करेंगे। भले ही उम्मीदवार के खर्च को सीमित कर दिया गया है पर राजनीतिक दलों के खर्च की कोई निश्चित सीमा निर्धारित नहीं है। इसलिए चुनाव आयोग के निर्देश अर्थहीन हो गए हैं। स्वाभाविक रूप से यह स्पष्ट है कि चुनाव प्रचार में काले धन का उछाल आएगा। राजनीतिक दलों के हेलीकॉप्टर प्रचार के लिए गुवाहाटी के खानापाड़ा मैदान में एक अस्थायी हेलीपैड बनाया गया है। बाजपेयी भवन के सूत्रों के अनुसार एकल इंजन वाले हेलीकॉप्टर का प्रति घंटा किराया 1,75,000 रुपए है। डबल इंजन हेलीकॉप्टर का प्रति घंटा किराया 2,50,000 रुपए है। हालांकि, हेलीकॉप्टर परिवहन कंपनियों के नियमों के अनुसार एक हेलीकॉप्टर को कम से कम 50 घंटे के लिए किराए पर लिया जाना चाहिए। उड़ान शुरू होने से लैंडिंग के समय तक प्रति घंटे के हिसाब से किराया लिया जाता है। हेलीकॉप्टर की उड़ान का समय 50 घंटे से कम होने पर भी किराया 50 घंटे के लिए ही देना पड़ता है। अतिरिक्त समय के लिए अतिरिक्त प्रति घंटा किराया देय है।