पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता गुवाहाटी : आगामी लोगकसभा चुनाव के मद्देनजर असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनुराग गोयल ने रविवार को कहा कि राज्य में परिसीमन के बाद मतदाता सूची तैयार करना एक कठिन काम था। उन्होंने कहा कि हम स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से लोकसभा चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जनता भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सीईओ गोयल ने कहा कि पिछले साल अगस्त से दिसंबर तक हमारे अधिकारी चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर में स्थानों और नामों को बदलने की पूरी प्रक्रिया से गुजरे। उन्होंने कहा कि हमें यह कहना होगा कि यह अभ्यास सफल रहा क्योंकि एक भी मतदाता नहीं छूटे। राज्य की सभी 14 लोकसभा सीटों पर तीन चरणों में 19, 26 अप्रैल और 7 मई को चुनाव होंगे। वोटों की गिनती 4 जून को होगी। उन्होंने कहा कि पिछले साल निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद राज्य में यह पहला मतदान होगा। हमें उम्मीद है कि चुनावी प्रक्रिया अच्छी तरह होगी। सभी लोकसभा चुनाव की तैयारी पर बोलते हुए चुनाव अधिकारी गोयल ने कहा कि हम चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
चुनाव के मद्देनजर राज्य में केंद्रीय सुरक्षाबलों की साठ कंपनियां तैनात की गई हैं और आवश्यकता के अनुसार और भी भेजी जाएंगी। गोयल ने कहा पिछले महीने प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार असम में कुल मतदाता 2,43,01,960 है, जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,21,79,358, महिला मतदाताओं की संख्या 1,21,22,602 हैं। उनमें से 18-19 वर्ष आयु वर्ग के नए मतदाताओं की कुल संख्या 4,35,503 है, इनमें पुरुष मतदाता की संख्या 2,46,149 महिला मतदाता की संख्या 1,89,354 है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष फरवरी महीने तक प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की कुल संख्या 4854 है, वहीं दूसरी ओर दृष्टिहीन मतदाताओं की कुल संख्या 45,173 है और 414 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। सीईओ ने कहा मतदाता सूची में नए नामों को शामिल करने और अन्य बदलावों की प्रक्रिया अभी भी जारी है। इसलिए अंतिम मतदाता सूची उचित समय पर जारी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में 28,645 मतदान केंद्र होंगे, लेकिन उन्होंने संवेदनशील बूथों की संख्या बताने से इनकार कर दिया। साथ ही उन्होंने बताया कि 55 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जाएगी, जबकि ईवीएम परिवहन करने वाले सभी वाहनों में जीपीएस-ट्रैकिंग डिवाइस लगाए जाएंगे।
गोयल ने कहा कि 262 मॉडल मतदान केंद्र होंगे,जबकि 1,409 मतदान केंद्र केवल महिलाओं की ओर से संचालित किया जाएगा और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक मतदान केंद्र का प्रबंध पूरी तरह से विकलांग व्यक्तियों के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खर्च की निगरानी के लिए संबंधी कर्मियों के प्रशिक्षण और अन्य आवश्यकताओं तक सभी व्यवस्थाओं का ध्यान रखा जा रहा है। चुनाव अधिकारी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बारे में बताया कि चुनावों में उपयोग के लिए आवश्यक ईवीएम की मात्रा इस प्रकार है -बीयू-34380, सीयू-34380 और वीवीपैट-37245, जिनका उपयोग किया जाएग॥ हालांकि बीयू 41823,सीयू 37744 और वीवीपैट मशीन 39917 उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रथम स्तर की जांच पूरी हो चुकी है और ईवीएम का पहला रैंडमाइजेशन 2-3 दिनों के भीतर होगा। उन्होंने कहा कि 18 मार्च को ईवीएम के संबंध में मतदाताओं के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए ईडीसी और एमडीवी का उपयोग किया गया है जिसे अब चुनाव की घोषणा के मद्देनजर बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पैसों की लेनदेन पर निगरानी के लिए प्रवर्तन एजेंसियों के साथ तीन विस्तृत बैठकें आयोजित की गई हैं। गैरकानूनी तरीके से पैसों की लेनेदेन के लिए एजेंसियां जब्ती की दिशा में अपना काम शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि विभाग विभिन्न चर्चाओं के लिए असम सरकार के मुख्य सचिव के स्तर पर दो बैठकें आयोजित की गईं। चुनाव के दौरान परिस्थिति को नियंत्रण के लिए 24 घंटे के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि कुल मतदान में से 50 प्रतिशत मतदान केंद्रों संवेदनशील और अति संवेदनशील सहित वेबकास्टिंग द्वारा कवर किया जाएगा और वाहनों पर जीपीएस लगाया जाएगा। उन्होंने चुनाव से संबंधित बातों को मीडिया के सामने उल्लेख करते हुए कहा कि चुनावी की तारीख घोषणा होने के साथ ही चुनावी आचार संहिता लागू हो गया और सभी को इसका पालन करना चाहिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी गोयल ने लोकसभा चुनाव के सुचारू संचालन के लिए सभी राजनीतिक दलों से समर्थन और सहयोग मांगा। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग की ओर से लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार-प्रसार के साथ ही विभिन्न खर्च 90 लाख रुपए तय किया गया है, जबकि आम लोगों के साथ ही कोई भी नेता अपने साथ ही सिर्फ 50 हजार कैश ले जा सकते हैं। उससे अधिक होने पर उनके पैसे जब्त की जा सकती है।