नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भारत-म्यामां-चीन में मानव बाल, सुपारी की तस्करी में हवाला सांठगांठ का पता चला है। केंद्रीय एजेंसी को हवाला गठजोड़ के अहम सुराग मिले हैं। ईडी अधिकारियों ने बताया कि भारत से चीन और अन्य देशों में इंसानी बालों की तस्करी से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल म्यामां से अवैध सुपारी व्यापार करने के लिए किए जाने के सुराग मिले हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि मानव बाल की तस्करी की मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) जांच के दौरान यह सांठगांठ सामने आई। केंद्रीय जांच एजेंसी ने पिछले साल अगस्त में हैदराबाद के नामपल्ली में विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया था। धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले में ईडी को कथित तौर पर बेहद अहम सबूत मिले हैं।
अदालत ने मिजोरम के चम्फाई जिला निवासी लुकास थांगमंगलियाना और हैदराबाद के नायला फैमिली एक्सपोट्र्स प्राइवेट लिमिटेड के अलावा 16 अन्य आरोपियों के खिलाफ ईडी के सबूतों पर गौर किया। ईडी पीएमएलए कानून के तहत आरोपों की जांच कर रही है। बीते एक मार्च को, ईडी ने चार्जशीट फाइल करने के बाद सोमवार को बयान जारी किया। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला हैदराबाद पुलिस के पास दर्ज प्राथमिकी के आधार पर दर्ज किया है। हैदराबाद पुलिस ने नायला फैमिली एक्सपोट्र्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। तेलंगाना पुलिस ने कंपनी के खिलाफ मानव बाल निर्यात के आरोप में बेनामी आयात निर्यात कोड (आईईसी) का उपयोग करने, प्रतिरूपण यानी किसी शख्स के रूप में खुद को पेश कर धोखाधड़ी करने, जाली दस्तावेजों का उपयोग करने जैसे आरोप लगे हैं। पुलिस ने प्राथमिकी में सड़क मार्ग के अलावा हैदराबाद हवाई अड्डे का इस्तेमाल करते हुए म्यामां, बांग्लादेश, वियतनाम और चीन में मानव बाल की तस्करी के आरोप लगाए हैं।
ईडी के मुताबिक, पुलिस को मिजोरम में भारत-म्यामां अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर भी तस्करी के सुराग मिले हैं। ईडी की जांच में पाया गया है कि लुकास थंगमंगलियाना ने मिजोरम में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के माध्यम से भारत से म्यामां तक मानव बाल और उर्वरकों की तस्करी की। उसने सीमा पार अवैध इंतजाम भी किए। ईडी के मुताबिक उसने म्यामां से भारत में सुपारी की तस्करी में म्यामां के निवासियों की भी मदद की। प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक लुकास थंगमंगलियाना ने हवाला नेटवर्क के माध्यम से उपरोक्त वस्तुओं के संबंध में नकद भुगतान की व्यवस्था भी की। बता दें कि बैंकिंग और गैर-बैंकिंग चैनलों के माध्यम से अवैध और धोखाधड़ी वाले केवाईसी-आधारित मौद्रिक लेन-देन के मामले को हवाला कारोबार या लेन-देन के रूप में देखा जाता है। इस मामले में ईडी द्वारा फरवरी, 2022 में हैदराबाद और मिजोरम के अलग-अलग परिसरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान 1.21 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए, जबकि एजेंसी ने 7.85 करोड़ रुपए की जमा राशि वाले 100 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज कर दिया। इन बैंक खातों का उपयोग खाताधारकों के अलावा अन्य व्यक्तियों ने भारी मात्रा में नकदी जमा करने के लिए किया।