झाबुआ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी लोकसभा चुनाव में 370 सीट का आंकड़ा पार कर जाएगी और इतना ही नहीं, संसद में विपक्षी नेता भी कह रहे हैं कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 400 से अधिक सीट मिलेंगी। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में आदिवासी समुदाय के सदस्यों की एक जनसभा संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस आदिवासी विरोधी है और केवल चुनाव के समय ही गांव, किसान और गरीब याद आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने देश के दक्षिण में भगवान राम से जुड़े मंदिरों का दौरा किया तो उन्हें लोगों से जबरदस्त प्यार मिला। प्रधानमंत्री ने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी फूट डालने की अपनी आखिरी रणनीति का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब सत्ता में रहती है तो लोगों को लूटने का काम करती है और जब सत्ता से बाहर होती है तो भाषा, क्षेत्र और जाति के आधार पर (समाज में) बांटने का काम करती है। लूट और फूट कांग्रेस का ऑक्सीजन है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अपने ही पापों के दलदल में फंस चुकी है वह जितना निकलने की कोशिश करेगी उतना फंसेगी। उन्होंने कहा कि 2023 (विधानसभा चुनाव) में कांग्रेस की छुट्टी हो गई और आगामी लोकसभा चुनाव में इसका पूरा सफाया होना तय है। प्रधानमंत्री कहा कि विधानसभा चुनावों में लोगों ने कांग्रेस को आईना दिखाया। आगामी लोकसभा चुनावों में भी देश के कौने-कौने में मिजाज ऐसा ही है। प्रधानमंत्री ने मतदाताओं से आगामी चुनाव में भाजपा को लोकसभा की 543 में से 370 सीट जिताने के लिए पिछले तीन चुनावों में प्रत्येक बूथ पर पार्टी को मिले सबसे अधिक मत की तुलना में 370 अतिरिक्त वोट सुनिश्चित करने को कहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इतना ही नहीं, संसद में विपक्षी नेता भी अब भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन राजग के लिए 'अबकी बार 400 पार' बात कह रहे हैं। मोदी ने कहा कि मुझे यकीन है कि भाजपा का कमल चुनाव चिन्ह निश्चित रूप से अपने दम पर 370 का आंकड़ा पार कर जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह लोकसभा चुनाव को लेकर प्रचार करने के लिए झाबुआ नहीं आए हैं, बल्कि हालिया विधानसभा चुनावों में मध्य प्रदेश में मिले जबरदस्त समर्थन के लिए लोगों को धन्यवाद देने के खातिर एक 'सेवक' के रूप में आए हैं। भाजपा ने हाल ही में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में प्रचंड बहुमत से जीत हासिल की है। जनसभा को संबोधित करने से पहले शुरू की गई 7,550 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी 'डबल इंजन' सरकार मध्य प्रदेश में दोगुनी गति से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने वोट के लिए नहीं, बल्कि आदिवासियों के स्वास्थ्य को लेकर सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ अभियान शुरू किया है। केंद्र ने पिछले साल राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047 शुरू किया था, जिसका उद्देश्य, विशेष रूप से आदिवासी आबादी के बीच सिकल सेल रोग से उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करना है। झाबुआ एक आदिवासी बहुल जिला है, जिसकी सीमा भाजपा शासित राज्य- गुजरात और राजस्थान, से सटी हुई है।
संयोग से, देशभर में अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित 47 लोकसभा सीट में से छह मध्य प्रदेश में, चार गुजरात में और तीन राजस्थान में हैं। भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनावों में मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीट में से 28 पर जीत हासिल की थी, जिसमें एसटी के लिए आरक्षित छह सीट हैं। इसके अलावा गुजरात की सभी 26 और राजस्थान की 25 सीट पर भी जीत दर्ज की थी। उन्होंने कहा कि दक्षिण में जब मैंने भगवान राम से जुड़े मंदिरों का दौरा किया, तो महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने मुझ पर अनगिनत आशीर्वाद बरसाए। मैंने देश की ताकत को अनुभव किया। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के दौरान पार्टी ने कभी भी आदिवासी विकास या उनके सम्मान के बारे में नहीं सोचा और उन्हें केवल वोट बैंक माना।
उन्होंने सभा में कहा कि भाजपा के लिए आदिवासी वोट बैंक नहीं, बल्कि देश का गौरव और भविष्य हैं। मोदी उनके लिए काम करने की गारंटी देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान (2014 तक) आदिवासी बच्चों के लिए केवल 100 एकलव्य आवासीय स्कूल खोले गए, जबकि अब यह आंकड़ा चार गुना हो गया है। उन्होंने कहा कि एक भी आदिवासी शिक्षा के अभाव में पीछे रह जाए ये मोदी को मंजूर नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आदिवासी कल्याण के लिए एक मंत्रालय की स्थापना की।