पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता गुवाहाटी: असम सरकार की कुल बकाया देनदारियां वर्तमान में 1.15 लाख करोड़ रुपऐ से अधिक है, वित्त मंत्री अजंता नेउग ने मंगलवार को असम विधानसभा बजट सत्र के दौरान सदन में इसकी जानकारी दी।  साथ ही पुष्टि की कि राज्य का ऋण और जीएसडीपी अनुपात निर्धारित सीमा के भीतर है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार निर्धारित समय पर कर्ज चुका रही है, जबकि वह अपने संसाधनों से वेतन, पेंशन और ऋण ब्याज का भुगतान करने में आत्मनिर्भर हो गई है। राजइजर दल के एकमात्र विधायक अखिल गोगोई के एक सवाल का जवाब देते हुए वित्तमंत्री नेउग ने कहा कि 31 मार्च, 2023 तक राज्य की कुल बकाया देनदारियां 1,15,751.32 करोड़ रुपए हैं।

उन्होंने कहा कि 2021 में उसी दिन यह राशि 82,741.09 करोड़ रुपए थी। उन्होंने कहा कि 2022-23 तक ऋण और जीएसडीपी अनुपात 23.47 प्रतिशत था, जो असम राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम के अनुसार 32 प्रतिशत की अनुमत सीमा के भीतर था। राज्य के मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य का दावा करते हुए मंत्री नेउग ने कहा   पिछली सरकारों ने वेतन का भुगतान करने के लिए ऋण राशि का उपयोग किया था, हम इसका उपयोग बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए कर रहे हैं और यही कारण है कि हम जल्द ही देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल होने का सपना देखते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पूंजीगत व्यय 2014-15 में 227959 करोड़ रुपए से बढ़कर 2022-23 में 493167 करोड़ रुपए हो गया है।

उल्लेखनीय है कि मंत्री द्वारा सदन में रखे गए आंकड़ों के अनुसार  2016-17 में राज्य सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज 5649.45 करोड़ रुपए था, इसके बाद 2017-18 में 10476.2 करोड़ रुपए, 2018-19 में 14003.88 करोड़ रुपए, 2019-20 में 16634.53 रुपए,2020-21 में 19256.59 रुपए,2021-22 में 17148.41 रुपए  और 2022-23 में 25902.16 रुपए। मंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2016 को कुल बकाया देनदारियां 35,690.22 करोड़ रुपए थीं। राज्य सरकार ने 2001-02 से 2013-14 तक 35,433 करोड़ रुपये का ऋण लिया, जबकि 2022-23 तक 22,790 करोड़ रुपए की राशि चुकाई गई। उन्होंने कहा कि समय पर ऋण चुकाने की प्रक्रिया जारी है।