सदन मोहन महराज गुवाहाटी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को महानगर गुवाहाटी स्थित खानापाड़ा खेल मैदान में एक भव्य और विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए असम सहित पूरे पूर्वोत्तर राज्यों के लिए चुनाव प्रचार अभियान का श्री गणेश कर दिया। राज्य भर से आई भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मोदी ने दावा किया कि आजादी के बाद सत्ता में रहे लोग पूजा स्थलों के महत्व को नहीं समझ सके और उन्होंने राजनीतिक वजहों से अपनी ही संस्कृति पर शर्मिंदा होने की प्रवृत्ति स्थापित की। गुवाहाटी के खानापाड़ा स्थित पशु चिकित्सा महाविद्यालय के मैदान में आयोजित विशाल जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11,600 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे तीर्थ, हमारे मंदिर, हमारी आस्था के स्थान, ये सिर्फ  दर्शन करने की ही स्थली है, ऐसा नहीं हैं। ये हजारों वर्षों की हमारी सभ्यता की यात्रा की अमिट निशानियां हैं। भारत ने हर संकट का सामना करते हुए कैसे खुद को अटल रखा,ये उसकी साक्षी हैं। हमने देखा है कि एक समय में जो सभ्यताएं बहुत समृद्ध हुआ करती थीं,आज उनके खंडहर ही बचे हैं। दुर्भाग्य से आजादी के बाद जिन्होंने लंबे समय तक देश में सरकारें चलाईं, वो भी आस्था के इन पवित्र स्थानों का महत्व समझ नहीं पाए। उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए अपनी ही संस्कृति, अपने ही अतीत पर शर्मिंदा होने का एक ट्रेंड बना दिया था। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस का नाम लिए बगैर निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी देश अपने अतीत को ऐसे मिटाकर, ऐसे भुलाकर, अपनी जड़ों को काटकर कभी विकसित नहीं हो सकता। मुझे संतोष है कि बीते 10 वर्षों में अब भारत में स्थितियां बदल गई हैं।

भाजपा की डबल इंजन सरकार ने विकास और विरासत को अपनी नीति का हिस्सा बनाया है। इसका परिणाम आज हम असम के अलग-अलग कोनों में भी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि असम में आस्था, अध्यात्म और इतिहास से जुड़े सभी स्थानों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। विरासत को संजोने के इस अभियान के साथ ही विकास का अभियान भी उतनी ही तेजी से चल रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते 10 वर्षों को देखें, तो हमने देश में रिकॉर्ड संख्या में कॉलेज बनाए हैं, यूनिवर्सिटी बनाई हैं। पहले बड़े संस्थान सिर्फ  बड़े शहरों में ही होते थे। हमने ऐसे संस्थानों का नेटवर्क पूरे देश में फैलाया है। बीते 10 वर्षों के दौरान देश में मेडिकल कॉलेज की संख्या करीब-करीब डबल हो चुकी है। असम में भी भाजपा सरकार से पहले 6 मेडिकल कॉलेज थे, आज 12 मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा हो रहा हैं, जबकि दर्जन भर का काम चल रहा है। असम आज नॉर्थ ईस्ट में कैंसर के इलाज का एक बहुत बड़ा केंद्र बन रहा है। मोदी ने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि देशवासियों का जीवन आसान हो, ये हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है। हमने 4 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों के पक्के घर बनाए हैं। हमने घर-घर पानी, घर-घर बिजली पहुंचाने का अभियान भी चलाया है।

उज्ज्वला योजना ने आज असम की लाखों बहनों-बेटियों को धुएं से मुक्ति दी है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने शौचालयों ने असम की लाखों बहनों-बेटियों की गरिमा की रक्षा की है। विकास और विरासत पर हमारे इस फोकस का सीधा लाभ देश के नौजवानों को हुआ है। आज देश में पर्यटन और तीर्थ यात्रा को लेकर उत्साह बढ़ रहा है। उन्होंने धाॢमक स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी कॉरिडोर बनने के बाद, वहां रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बीते एक वर्ष में साढ़े आठ करोड़ लोग काशी गए हैं। 5 करोड़ से अधिक लोगों ने उज्जैन में महाकाल महालोक के दर्शन किए। 19 लाख से अधिक लोगों ने केदार धाम की यात्रा की है। अयोध्या धाम में प्राण प्रतिष्ठा को अभी कुछ ही दिन हुए हैं। 12 दिन में ही अयोध्या में 24 लाख से ज्यादा लोग दर्शन कर चुके हैं।

मोदी मां कामख्या धाम का उल्लेख करते हुए कहा कि मां कामाख्या दिव्यलोक बनने के बाद यहां भी हम ऐसा ही दृश्य देखने वाले हैं। जब तीर्थ यात्री आते हैं, श्रद्धालु आते हैं, तब गरीब से गरीब भी कमाता है। रिक्शे वाले हों,  टैक्सी वाले हों, होटल वाले हों, रेहड़ी-पटरी वाले हों, सभी की आमदनी बढ़ती है। इसलिए इस वर्ष के बजट में भी हमने पर्यटन पर बहुत बल दिया है। केंद्र की भाजपा सरकार पर्यटन से जुड़े ऐतिहासिक स्थानों के विकास के लिए नया अभियान शुरू करने जा रही है। उन्होंने तत्कालीन सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि असम व नॉर्थ ईस्ट में तो इसके लिए भरपूर संभावनाएं हैं। इसलिए भाजपा सरकार नॉर्थ ईस्ट के विकास पर विशेष जोर दे रही है। बीते 10 वर्षों से नॉर्थ ईस्ट में रिकॉर्ड संख्या में टूरिस्ट आए हैं। आखिर यह कैसे हुआ? ये पर्यटन के केंद्र नॉर्थ ईस्ट के खूबसूरत इलाके तो पहले भी यहां थे, लेकिन तब इतने टूरिस्ट यहां नहीं आते थे। हिंसा के बीच, साधन-संसाधनों के अभाव के बीच, सुविधाओं की कमी के बीच आखिर कौन यहां आना पसंद करता।

आप भी जानते हैं कि 10 साल पहले असम समेत पूरे नॉर्थ ईस्ट में क्या स्थिति थी। पूरे नॉर्थ ईस्ट में रेल यात्रा और हवाई यात्रा बहुत ही सीमित थी। सड़कें संकरी भी और खराब भी थीं। एक राज्य से दूसरे राज्य में आना-जाना तो छोडि़ए एक जिले से दूसरे जिले में आने-जाने में भी कई-कई घंटे लग जाते थे। इन सारी परिस्थितियों को आज भाजपा की डबल इंजन सरकार ने बदला है। मोदी ने असम से राज्यसभा सदस्य रहे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम का जिक्र किए बगैर कहा कि जब प्रधानमंत्री असम से चुने गए थे तब भी असम हर क्षेत्र में पिछड़ा हुआ था, लेकिन आज भाजपा नीत गठबंधन की सरकार ने कठिन प्रयास से यहां की दिशा और दशा बदल दी है।