केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में अपना अंतरिम बजट पेश किया। नरेन्द्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह अंतरिम बजट है। इस बजट में न तो लोक-लुभावन वादे किये गए हैं और न जनता पर कोई बोझ दिया गया है। इस बजट पर चुनाव की कोई छाया दिखाई नहीं पड़ती है। अपने 58 मिनट के संबोधन में वित्त मंत्री ने कहा कि आय कर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे मध्यम वर्ग खासकर नौकरीपेशा लोगों को भारी निराशा हुई है। कॉरपोरेट टैक्स घटाकर 25 से 22 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे बड़े उद्योग-धंधों के क्षेत्र में तेजी आएगी। मोदी सरकार ने स्टार्टअप क्षेत्र को मिलने वाली कर्ज छूट को एक साल और बढ़ा दिया है। इससे स्टार्टअप के क्षेत्र में और प्रगति होगी। सरकार का कहना है कि पिछले 10 साल के दौरान आय कर के राजस्व में तिगुना वृद्धि हुई है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को और आसान करने का प्रस्ताव है। वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के शासन में विदेशी निवेश बढ़कर दुगुना हो गया है। सरकार का ध्यान बुनियादी ढांचा एवं अर्थ-व्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित है। मोदी सरकार तीन रेल कॉरिडोर बनाने पर फोकस कर रही है। इसके अलावा 40 हजार सामान्य रेल बोगी को वंदे भारत बोगी के मानकों के अनुरूप परिवर्तित किया जाएगा। सरकार ने अंतरिम बजट में गरीबों एवं महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया है। पीएम आवास योजना के तहत अगले पांच वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में दो करोड़ और घर बनाये जाएंगे। पीएम आवास योजना के तहत आवंटित राशि 79590 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 80671 करोड़ रुपए कर दी गई है। किराये के मकानों में रहने वाले मध्यम वर्ग को अपना मकान खरीदने या बनाने में मदद करने की योजना आएगी। आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य देखभाल कवर सभी आसा कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायकों तक बढ़ाया जाएगा। तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इलेक्टि्रक वाहनों के प्रचलन को बढ़ावा देने के लिए ई-व्हिकल की चाॄजग के लिए बड़े पैमाने पर चाॄजग स्टेशन बनेंगे। राज्यों के पर्यटन क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए भी योजनाएं लाई जाएंगी। अंतरिम बजट में रक्षा बजट को 5.94 लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर 6.21 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है। सैन्य क्षेत्र में डीप-टेक-प्रौद्योगिकियों के लिए महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की गई है। सैन्य क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम हो रहा है। लेकिन इसके साथ ही नए हथियार, विमान, युद्धपोत एवं अन्य सैन्य हार्डवेयर भी खरीदे जाएंगे। कुल मिलाकर यह बजट सपाट बजट कहा जाएगा। प्रधानमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि जुलाई में पेश होने वाले पूर्ण बजट में सरकार अपनी महत्वपूर्ण योजनाओं एवं वादों की घोषणा करेगी। ढांचागत विकास के साथ कोई समझौता नहीं होगा। देश की अर्थ-व्यवस्था को मजबूत करने तथा देश को विश्व की तीसरी अर्थ-व्यवस्था बनाने के लिए लगातार प्रयास चलते रहेंगे। पूर्वोत्तर के लोगों को भी इस अंतरिम बजट से काफी उम्मीदें थीं, किंतु ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उम्मीद है कि केंद्र सरकार अगले पूर्ण बजट में पूर्वोत्तर में औद्योगिक विकास के लिए नई औद्योगिक नीति लाएगी। बिना प्रोत्साहन के पूर्वोत्तर में औद्योगिक विकास संभव नहीं है। ऐसा लगता है कि मोदी सरकार अपनी तीसरी जीत के लिए पहले से ही आश्वस्त है। यही कारण है कि अंतरिम बजट में लोकलुभावन वादों को शामिल नहीं किया गया। अब देश को जुलाई में पेश होने वाले पूर्ण बजट का इंतजार रहेगा।
मोदी का अंतरिम बजट
