ढेकियाजुली : अखिल असम कलवार समाज की चतुर्थ महासभा, ढेकियाजुली में आज दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस मौके पर सीएम ने कहा कि असम एक समृद्ध राज्य है, इसकी अपनी विरासत और परंपराएं हैं। इसके इतिहास, परंपरा, कला एवं शिल्प हर किसी को आकर्षित करते हैं। इसलिए यहां आने वाले सभी लोग असम में एकीकृृत हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि कलवार समुदाय के लोग व्यापार के लिए असम आए थे और वे यहां की मिट्टी, पानी और हवा में विलीन होकर रह गए। उन्होंने कहा कि असम में अब शांति है, अब असम में उग्रवाद की समस्या नहीं है। इसलिए जो लोग व्यापार करते हैं, उन्हें स्वतंत्र मन से अपना व्यापार करना चाहिए और असम के विकास में भागीदार बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि असम और उत्तर प्रदेश का घनिष्ठ संबंध है। उन्होंने कहा कि महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के पूर्वज उत्तर प्रदेश से असम आए थे। श्री रामचंद्र की जन्मस्थली उत्तर प्रदेश भारत के जन-जन की आत्मा है। यहां राम मंदिर का निर्माण हुआ है, यह देश के प्रत्येक नागरिक के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि श्रीरामचंद्र पूरे देश के लिए एक महान आदर्श हैं।
श्रीरामचंद्र भारत की विरासत की पृष्ठभूमि है। इसीलिए हिंदुओं को भारतीय परंपराओं को संरक्षित करने के लिए एकजुट होना चाहिए। हमें रामचंद्र के आदर्श को लेकर आगे बढऩा चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की स्थापना से भारत में पांच सौ वर्षों की मुगल गुलामी का अंत हो गया है। यदि प्रधानमंत्री श्री मोदी और दस वर्ष देश के प्रधानमंत्री रह जाते हैं तो अमरीका और चीन जैसे देश भारत के पीछे रह जाएंगे। देश की जनता को चाहिए कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनें,भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने के लिए नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे भी दौर रहे हैं जब छत्रपति शिवाजी, दुर्गादास राजपूत, लाचित बरफुकन जैसे वीरों का जन्म हुआ। आज हमारे लिए गौरव और सौभाग्य का क्षण है कि हमें अपने जीवनकाल में नरेंद्र मोदी जैसा अच्छा नेता मिला है। मुख्यमंत्री ने ढेकियाजुली की विरासत और आजादी का जिक्र किया।
अखिल असम कलवार समाज की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष संतोष जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित खुली सभा में बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर जायसवाल, ढेकियाजुली के विधायक तथा मंत्री अशोक सिंघल, अनुपमा जायसवाल, बहराइच (उत्तर प्रदेश), बिहार के विधायक पवन जायसवाल, उत्तर प्रदेश के चंदौली के विधायक रमेश जायसवाल, झारखंड के हजारीबाग के विधायक मनीष जायसवाल ने भी सभा को संबोधित किया। अखिल असम कलवार समाज की चतुर्थ महासभा के आज अंतिम दिन सुबह 8 बजे यहां के लक्ष्मीनारायण मंदिर से श्रीश्री सूर्य षष्ठी पूजा समिति के प्रांगण तक विशाल शोभायात्रा के साथ मनमोहक झांकियां निकाली गईं। अखिल असम भोजपुरी परिषद की शोणितपुर जिला समिति तथा ढेकियाजुली आंचलिक समिति के सौजन्य से छठ पूजा पर आधारित एक झांकी निकाली, जिसे देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। वहीं शोभायात्रा में विभिन्न जाति जनजाति के लोगों द्वारा झांकी निकाली गई। शोभायात्रा में बोड़ो और नेपाली आदि के अलावा नाम कीर्तन दल भी शामिल रहे। इसके बाद 11 बजे मंच पर आसन ग्रहण एवं सभा प्रारंभ हुआ। उक्त सभा में अतिथियों का स्वागत एवं भाषण हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गो एवं स्वतंत्रता सेनानी ठगी राम बोरा (103) को मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने सम्मानित किया। इस सभा में मुख्य अतिथि ने कलवार समाज की स्मारिका का विमोचन किया। इसके पश्चात कलवार समाज के प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित किया गया। वहीं महामानव डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल एवं संविधान संशोधन विषय पर विचार-विमर्श किया गया।