तिनसुकिया : तिनसुकिया शहर की बहुप्रतीक्षित मांग ऑटोमैटिक ट्रैफिक कोटरॉलिंग सिस्टम जो उद्घाटन के महज एक सप्ताह के अंदर बंद हो गया था, अब फिर से जलने लगा है। इस संबंध में पूर्वांचल प्रहरी में प्रमुखता के साथ गत पांच जनवरी के अंक में प्रकाशित किया गया था, जिसके एक दिन बाद छह जनवरी को सभी डिजिटल ट्राफिक सिग्नल लाइट काम करना आरंभ कर दिया। कारण कि संबंधित विभाग की ओर से इस मामले को गंभीरता के साथ संज्ञान में लेते हुए त्वरित गति से इस समस्या का समाधान किया गया और आज से पुन: सभी डिजिटल ट्रैफिक सिग्नल काम करना आरंभ कर दिया है। बावजूद इसके अब भी इससे संबंधित कई समस्याएं हैं।

तिनसुकिया नगर पालिका के अध्यक्ष पवित्र गोगोई के अनुसार इसकी देखरेख के लिए अब तक आधिकारिक तौर पर न ही नगर पालिका या अन्य किसी को जिम्मा सौंपा गया है। आखिर इस ऑटोमैटिक ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम का रख- रखाव कौन करेगा और कौन इसकी बिजली का बिल का भुगतान करेगा। आनन-फानन में गत एक दिसंबर 2023 को राज्य सरकार के मंत्री अशोक सिंघल द्वारा उद्घाटन किया जाना था। इसलिए स्ट्रीट लाइट की बिजली कनेक्शन से इसका भी कनेक्शन कर दिया गया, जबकि नियमानुसार इसका अलग से कनेक्शन और अलग से मीटर होना चाहिए। इसको लेकर आम लोगों द्वारा यह भी कयास लगाया जा रहा है कि कुछ ही दिनों बाद तिनसुकिया में कैबिनेट मीटिंग होनी थी और खुद मुख्यमंत्री तिनसुकिया आने वाले थे। इसलिए जल्दबाजी में दिखावा करने के लिए असंपूर्ण काम होते हुए भी उद्घाटन कर दिया गया।

  कारण कि अब तक जेबरा क्रासिंग तक नहीं बना है कि रेड लाइट जलने पर आखिर किस स्थान पर गाड़ी रोकना है और पैदल चलने वाले भी ज़ेबरा क्रासिंग से होते हुए सड़क पार कर सकेंगे। इस बाबत नगर पालिका के अध्यक्ष पवित्र गोगोई से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जेबरा क्रासिंग बनाने का काम लोक निर्माण (सड़क) विभाग का है। कुल मिलाकर इतना कहा जा सकता है कि अब काम असंपूर्ण है फिर भी उद्घाटन हो गया। क्योंकि बीते लगभग एक माह से इस डिजिटल ट्रैफिक सिग्नल लाइट का काम न करने पीछे इसके टाइमर सेटिंग में आई गड़बड़ी थी। अब सवाल यह उठता है कि बगैर जांच और पूरी से टाइमर सेटिंग किए आखिर किस कारणवश उद्घाटन किया गया।