पूर्वांचल प्रहरी संवाददाता गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा ने आज जागीरोड में 114.17 करोड़ रुपए की लागत की पांच परियोजनाओं का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 85.96 करोड़ रुपए की लागत से रेलवे फ्लाईओवर, 9.5 करोड़ रुपए की लागत से लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण बंगले, 1.95 करोड़ रुपए की लागत से जागीरोड विकास प्राधिकरण के स्थायी कार्यालय और 750 सीटों के खेल संघ के सभागार और 9.56 करोड़ रुपए की लागत के तरंगा बिल के सौंदर्यबद्र्धन और बिल के किनारे निॢमत साइकिल ट्रैक का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने आज अपने जागीरोड दौरे के दौरान जागीरोड पुलिस स्टेशन परिसर में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के एक एलईडी बिलबोर्ड का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर जागीरोड पेपर नगरी मैदान में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मोरीगांव जिला आध्यात्मिक, सांस्कृृतिक और प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र है और इस क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थल इसकी समृद्ध विरासत की गवाही देते हैं। उन्होंने कहा कि गोभा राजा और राज परिवार के विरासत की स्मृति से जुड़े इस क्षेत्र में आयोजित होने वाला वार्षिक जोनाबिल मेला हमें असम की प्राचीन परंपराओं के गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले की अनूठी विशेषताएं विनिमय प्रणाली, गोभा राजा के दरबार आदि के माध्यम से वस्तुओं की खरीद-बिक्री आदि हैं। उन्होंने कहा कि जागीरोड निर्वाचन क्षेत्र में पवितरा अभयारण्य राज्य के पर्यटक आकर्षणों में से एक है। मायंग पुरातात्विक संसाधनों से भी समृद्ध है और मायंग के स्मारक किंवदंतियों से भरे हुए हैं जैसे कि काछशिला पहाड़ी पर मंदिर, कनाई मछली पकडऩे का पत्थर, गोवद्रना पहाड़ी और पंच पांडवों की स्वर्ग यात्रा के पैरों के निशान वाली पहाड़ी आदि अनेक किंवदंतियां है। उन्होंने कहा कि एशिया का सबसे बड़ा सूखी मछली बाजार अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। आज उद्घाटन की गई विभिन्न परियोजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जागीरोड पेपर मिल के बंद होने से क्षेत्र के लोगों पर दर्दनाक मानसिक दबाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने बंद पड़े जागीरोड पेपर मिलों की समस्याओं को हल करने के प्रयास किए हैं और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने जागीरोड और कछार पेपर मिलों के लिए 810 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जागीरोड नए दिन के नए विकास की अपेक्षा में है। कुछ दिनों के भीतर जागीरोड में असम के सबसे बड़े निवेश होने की अच्छी खबर आएगी। जागीरोड अब नए विकास के नए दिनों की प्रतीक्षा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जागीरोड के विकास इससे इस क्षेत्र सहित मध्य असम की छवि पूरी तरह बदल जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से असम आज अनेक विकास कार्य करने में सक्षम हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब तक 90,000 युवाओं को सरकारी नौकरियां देने के बाद अब 40,000 नई नौकरियों की भर्ती करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और असम में उद्यमिता के लिए माहौल बनाने के लिए बैंकों में बिना किसी बंधक के सरकार से 2 लाख रुपए की सीधी सहायता प्रदान करने के लिए एक और योजना शुरू की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अगले साल 12 जनवरी से सात दिनों के भीतर 10 लाख परिवारों को मुफ्त राशन कार्ड जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड के साथ-साथ आयुष्मान भारत, आयुष्मान असम कार्ड भी जारी किया जाएगा ताकि असम के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और चयनित निजी क्षेत्र के अस्पतालों में 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिल सके। अरुणोदय योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना 19 लाख लाभार्थियों के साथ शुरू हुई थी और अब इसमें 27 लाख लाभार्थियों को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 40 लाख स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को 10,000 रुपए का भुगतान किया जाएगा ताकि राज्य की महिला समुदाय आर्थिक विकास की ओर बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गरीब लोगों के लाभ के लिए अब मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू की जाएगी और गरीबों के लिए आवास निर्माण के लिए इस वर्ष से अतिरिक्त स्वीकृतियां दी जाएंगी। ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से आपको ये उत्पाद नहीं खरीदने चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि असम सरकार राज्य के बहुमुखी विकास के लिए काम कर रही है और ब्रह्मपुत्र नदी पर मोरीगांव और दरंग को जोडऩे वाले एक नए पुल के निर्माण पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि काजीरंगा राष्ट्रय उद्यान में एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण, गोहपुर-नुमलीगढ़ को जोडऩे वाली ब्रह्मपुत्र के नीचे सुरंग का निर्माण, गुवाहाटी रिंग रोड आदि सहित कई परियोजनाएं पिछले डेढ़ वर्षों के दौरान तीव्र गति से आगे बढ़ाई गई हैं। उन्होंने कहा कि अगर अगले 10 साल तक ऐसा शांतिपूर्ण माहौल बना रहा तो असम देश के सर्वश्रेष्ठ सात राज्यों में से एक होगा।