गुवाहाटी : असम पुलिस हाल के तीन विस्फोटों की जांच के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के संपर्क में है और केंद्रीय एजेंसी की एक टीम यहां पहुंच रही है। असम के पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एक बैठक के मौके पर डीजीपी ने कहा कि हम एनआईए और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ हालिया विस्फोटों पर चर्चा करेंगे और उसके अनुसार भविष्य की कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करेंगे। सिंह ने कहा कि विस्फोट करने वालों की पहचान की जाएगी और उन्हें पकड़ा जाएगा तथा उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अल्फा (आई) ने जोरहाट जिले में सैन्य अड्डे के गेट के निकट बृहस्पतिवार की रात को हुए विस्फोट के साथ-साथ 22 नवंबर को तिनसुकिया और नौ दिसंबर को शिवसागर में सुरक्षा प्रतिष्ठानों के पास हुए विस्फोटों की जिम्मेदारी ली है। अल्फा (आई) ने शुक्रवार को एक बयान में ने कहा कि मूल निवासियों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि संगठन उनके खिलाफ नहीं है।

बयान के मुताबिक, संगठन की मांग को राजनीतिक मुद्दा मानने के बजाय 'कानून व्यवस्था' की समस्या के रूप में स्थापित करने के डीजीपी सिंह के कथित प्रयास के कारण वे विस्फोट कर रहे हैं। अल्फा (आई) के आरोपों के जवाब में डीजीपी ने कहा कि वे हमेशा मेरा जिक्र करते हैं और अगर उनके पास कोई कारण है, तो वे हमेशा मुझे निशाना बना सकते हैं। प्रदेश पुलिस प्रमुख ने कहा कि मैं काहिलीपाड़ा में रहता हूं और मेरा कार्यालय (डीजीपी मुख्यालय) उलुबारी (दोनों गुवाहाटी में) में है। वे आ सकते हैं और मुझे निशाना बना सकते हैं। वे यहां-वहां ग्रेनेड फेंककर आम लोगों को क्यों परेशान कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों के दौरान, पुलिस असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) के नौकरी के बदले नकदी घोटाले, कॉल सेंटर मामले और कई अन्य महत्वपूर्ण मामलों की जांच में शामिल रही है, लेकिन अगर विस्फोटों की ऐसी घटनाएं जारी रहीं, तब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल को आगे आना होगा और इससे अंतत: आम लोग ही पीडि़त होंगे। जोरहाट के लिचुबाड़ी इलाके में सेना के गेट के पास एक कूड़ेदान में बृहस्पतिवार की रात 'हल्का विस्फोट' हुआ था, लेकिन इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।