पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिसपुर में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने चर इलाके के स्वदेशी मुसलमानों के लिए नए निदेशालय स्थापना करने का फैसला लिया। कैबिनेट ने चर क्षेत्र विकास निदेशालय का नाम बदलकर अब अल्पसंख्यक मामले और चर क्षेत्र निदेशालय करने का फैसला किया है। शुक्रवार को राज्य कैबिनेट ने नए विभाग के गठन को मंजूरी दे दी। निदेशालय में मूल स्वदेशी मुसलमानों पर जिलेवार डेटा एकत्र किया जाएगा। स्वदेशी मुसलमानों का सर्वेक्षण करने के बाद नया विभाग गरिया, मरिया, सैयद, जोल्हा, देशी और अन्य जातीय समूहों का भी सर्वेक्षण करेगा। उन्होंने अपना स्वयं का सर्वेक्षण करने के बारे में सोचा क्योंकि उन्हें कभी-कभी आप्रवासी के रूप में लेबल किया जाता था।

इस बार हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व वाली असम सरकार चर इलाकों पर खास नजर डाल रही है। गौरतलब है कि भाजपा सरकार ने पहले सार्वजनिक रूप से कहा था कि उसे चर इलाकों के मतदाताओं के वोट नहीं चाहिए। लेकिन अब लोकसभा चुनाव की पूर्व संध्या पर सरकार चर इलाके के लोगों का दिल जीतने की योजना बना रही है। कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट की आपत्ति के बावजूद आहतगुड़ी की भैंसों की लड़ाई फिर से शुरू करने का फैसला किया है। इसके अलावा कैबिनेट ने नए एसओपी के तहत पारंपरिक रूप से चलती आ रही सभी भैंसों की लड़ाई को फिर से शुरू करने का फैसला किया। कैबिनेट ने राज्य में जल्द ही डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्णय लिया है। डिजिटल लाइब्रेरी 2,197 गांव पंचायतों और गुवाहाटी नगर निगम के 400 वार्डों में स्थापित की जाएंगी। कैबिनेट ने डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए 2,697 करोड़ रुपए भी जारी किए।