पृथ्वी पर स्वच्छ हवा की खोज पिछले कुछ वर्षों में एक अत्यंत जरूरी और वैश्विक प्रयास बन गई है। जैसे-जैसे दुनिया वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभावों से जूझ रही है, सभी जीवित प्राणियों के स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ, सांस लेने योग्य हवा का महत्व बढ़ रहा है। पृथ्वी पर एक ऐसा ही स्थान है जो सबसे अलग है। यह जगह आगंतुकों को सबसे स्वच्छ हवा प्रदान करती है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार केप ग्रिम कहा जाने वाला प्रायद्वीप ऑस्ट्रेलिया के पास तस्मानिया के उत्तर-पश्चिमी सिरे के पास स्थित है। कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल के वरिष्ठ अनुसंधान वैज्ञानिक डॉ. एन स्टेवर्ट ने कहा कि इस अनूठे अनुभव का एक प्रमुख कारण इस भूमि क्षेत्र की सुदूरता है। बहुत कम यात्री केप ग्रिम पहुंचते हैं, जो दुनिया के किनारे के नाम से मशहूर है। यहां हवा की गुणवत्ता मापने वाला एक स्टेशन दिखता जो यह दर्शाता है कि इस जगह पर सबसे स्वच्छ हवा है।

यहां पहुंचते हैं बहुत कम लोग : अनुसंधान संगठन (सीएसआईआरओ) ने बीबीसी को बताया, केप ग्रिम एयर मॉनिटरिंग स्टेशन को प्रभावित करने वाली तेज पश्चिमी हवाएं बर्फीले दक्षिणी महासागर के ऊपर हजारों किलोमीटर की यात्रा करती हैं। जिससे यहां की हवा दुनिया की सबसे स्वच्छ हवा में से एक बन गई है। इस अनूठे अनुभव का एक प्रमुख कारण मुख्य भूमि की दूरस्थता है। कुछ यात्री केप ग्रिम में आते हैं, जिसे लोकप्रिय रूप से 'एज ऑफ द वल्र्ड' के रूप में जाना जाता है।

यहां क्यों है दुनिया की सबसे साफ हवा : राष्ट्रमंडल वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संगठन (सीएसआईआरओ) में वरिष्ठ शोध वैज्ञानिक डॉ. एन स्टेवर्ट ने बीबीसी को बताया, केप ग्रिम वायु निगरानी स्टेशन पर चलने वाली तेज पछुआ हवाओं ने बर्फीले दक्षिणी महासागर के ऊपर से हज़ारों किलोमीटर की दूरी तय की है, जिससे यहां की हवा दुनिया में सबसे साफ हो गई है।

180 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलते हैं हवा के झोंके : यह क्षेत्र भयंकर झोंकों के लिए प्रसिद्ध है, जो 180 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं और अंटार्कटिका से स्वच्छ हवा ले जा सकते हैं। वैज्ञानिक डॉ. स्टेवर्ट ने कहा कि हवा की गति और हवा की दिशा के डेटा का उपयोग करके हम जानते हैं कि केप ग्रिम तक पहुंचने वाली लगभग 30 प्रतिशत हवा को वैज्ञानिक बेसलाइन कह सकते हैं। यानी, हवा जो स्थानीय वायुमंडलीय स्रोतों और सिंक से प्रभावित नहीं होती है।