नई दिल्ली : चीन में फेफड़े फुलाने वाली रहस्यमयी बीमारी को लेकर केंद्र सरकार ने राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, उत्तराखंड, हरियाणा और तमिलनाडु को अलर्ट जारी किया है। इसके बाद राज्य सरकारों ने हेल्थ डिपार्टमेंट को सांस से जुड़ी बीमारी के मरीजों के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। राज्य सरकारों ने लोगों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। पीडियाट्रिक यूनिट्स में बच्चों के इलाज के लिए पूरी व्यवस्था करने को कहा गया है। चीन में रहस्यमयी बीमारी का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर हो रहा है। तेज बुखार के साथ फेफड़े फुला देने वाली इस बीमारी की वजह से हर रोज करीब 7 हजार बच्चे अस्पताल पहुंच रहे हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि कोरोना की तरह ये बीमारी भी संक्रामक है। केंद्र सरकार ने 24 नवंबर को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की थी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि भारत में चीन की रहस्यमयी बीमारी का एक भी मामला अभी सामने नहीं आया है। सरकार इस पर बारीकी से निगरानी कर रही है। प्रो-मेड नाम के एक सर्विलांस प्लेटफॉर्म ने 15 नवंबर को चीन में रहस्यमयी बीमारी को लेकर दुनियाभर में अलर्ट जारी किया था। प्रो-मेड ने कोरोना को लेकर भी दिसंबर 2019 में एक अलर्ट जारी किया था। ये प्लेटफॉर्म इंसानों और जानवरों में फैलने वाली बीमारियों की जानकारी रखता है। हालांकि, प्लेटफॉर्म ने ये नहीं बताया कि ये बीमारी सिर्फ बच्चों तक सीमित है या युवाओं और बुजुर्गों को भी अपनी चपेट में ले रही है। इस बीमारी ने कब फैलना शुरू किया, ये भी पता नहीं चल पाया है। 23 नवंबर को चीनी मीडिया ने स्कूलों में रहस्यमय बीमारी फैलने की जानकारी दी थी। चीन ने बताया कि पीडि़त बच्चों में फेफड़ों में जलन, तेज बुखार, खांसी और जुकाम जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। बीमारी को फैलने से रोकने के लिए स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन ने कहा कि पिछले साल दिसंबर में कोरोना के कारण लगाई गई पाबंदियां हटा ली गई थीं। इसके कारण फिर से बीमारी फैल रही है।