नई दिल्ली : भारत में एलसीए मार्क 2 लड़ाकू विमान के इंजन जनरल इलेक्ट्रिक के साथ मिलकर बनाने का रास्ता साफ हो गया है। दरअसल अमरीका ने इससे संबंधित सारी मंजूरी दे दी हैं। डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. समीर वी कामत ने बताया कि एलसीए मार्क 2 के इंजन और स्वदेशी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट की पहली दो स्कवाड्रन का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, अमरीकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक के साथ मिलकर करेगी। अमरीका ने इससे जुड़ी सभी मंजूरी दे दी हैं।
बता दें कि पीएम मोदी की जून में अमरीका यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में कई अहम समझौते हुए थे। इसके तहत अमरीकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक भारतीय कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर लड़ाकू विमान के इंजन बनाने वाली है। जनरल इलेक्ट्रिक ने अमरीका कांग्रेस में एक आवेदन देकर संयुक्त रूप से लड़ाकू इंजन बनाने की मंजूरी मांगी थी। अब डीआरडीओ चीफ के बयान से साफ है कि अमरीका सरकार ने ये मंजूरियां दे दी हैं।
जनरल इलेक्ट्रिक, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ मिलकर एफ-414 जेट इंजन का निर्माण करेगी। दोनों कंपनियां मिलकर भारत में 99 इंजनों का निर्माण करेंगी और इसमें एक अरब डॉलर से कम की लागत आने की उम्मीद है। जनरल इलेक्ट्रिक इन इंजनों के निर्माण में जो प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराएगा, उनमें गर्म सिरे के लिए जंग, कटाव और थर्मल बाधा से बचाव के लिए विशेष कोटिंग की प्रौद्योगिकी शामिल हैं। एचएएल को एलसीए एमके-2 को तैयार करने में तीन साल का समय लग सकता है।