गुवाहाटी: लोक आस्था के चार दिवसीय छठ महापर्व के दूसरे दिन व्रतधारी पूरे दिन उपवास व्रत का पालन किया। दिनभर अन्न-जल त्याग कर संध्या समय खीर बनाकर, पूजा करने के उपरान्त प्रसाद ग्रहण कर खरना व्रत का पालन किया। इसके बाद अगले 36 घंटों तक व्रती निर्जला व्रत शुरू हो गया, वहीं मध्य रात्रि को व्रती छठ पूजा के लिए विशेष प्रसाद ठेकुआ बनाते हैं, इसके साथ ही छठ मैया के गीत भी गाते हैं। वही तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अघ्र्य देने के लिए अपने-अपने निकटतम छठ घाट पर जाएंगे।
इसके लिए ब्रह्मपुत्र नद स्थित छठ घाट के साथ तलाब आदि पर छठ घाट बनाया गया है। इसके साथ ही संध्या समय अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अघ्र्य प्रदान करेंगे, इसको लेकर राज्यभर के छठ घाट पूरी तरह से तैयार हो गए है। इसके साथ ही घाटो पर व्रतधारियो तथा श्रद्धालु भक्तो की भीड़ को देखते हुए घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था भी किया गया है। इसके साथ ही राज्य भर के सभी छठ घाटों को फूलों से सजाया गया है, विद्युत रोशनी भी लगाई गई है, जिससे पूरा छठ घाट प्रकाशित हो रहा है।
पूजा आयोजन कमेटियो का कार्यालय, पुलिस कंट्रोल रूप, मेडिकल कैप,मंच, वाच टालर,स्नानागार बन कर तैयार है। हर साल की तरह जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा गुवाहाटी नगर निगम( जीएमसी) के अधिकारियों के नेतृत्व में घाट पर सभी कार्य संर्पूण कर लिया गया है। इस बार छठ पूजा के घाटों पर बाहरी राज्यों के कलाकार छठ मैया के गीतों की प्रस्तुति से भक्तों के ऊपर अमृत वर्षा करेंगे। इसके लिए नेपाल, बिहार के कई नामचिन कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। मालूम हो कि इस इस पूजा में पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है, जिन घरों में यह पूजा होती है, वहाँ भक्तिगीत गाये जाते हैं। आज शाम को चावल गुड़ और गन्ने के रस का प्रयोग कर खीर बनाया गया है।