मारे शरीर को ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए नियमित रूप से आहार के माध्यम से कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। विटामिन-डी, जिसे सनशाइन विटामिन भी कहा जाता है, ये शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आमतौर पर इसे सिर्फ हड्डियों की सेहत से जोड़कर देखा जाता है पर असल में इम्युनिटी से लेकर कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने के लिए हमें निरंतर रूप से इसकी आवश्यकता होती है। कहीं आपमें इस विटामिन की कमी तो नहीं है?

विटामिन-डी कई प्रकार से हमारे लिए आवश्यक है, यह कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने के साथ हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने में भी सहायक है। हैरानी की बात यह है कि विटामिन डी की कमी जितना आप सोच सकते हैं उससे कहीं अधिक आम है। यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, लगभग एक अरब लोगों में विटामिन डी का स्तर कम सामान्य से कम है। आइए जानते हैं कि किन संकेतों के आधार पर आप जान सकते हैं कि कहीं खतरा आपमें भी तो नहीं है? 

बार-बार होते हैं बीमार? : यदि आप खुद को सामान्य से अधिक बार बीमार पड़ते हुए पाते हैं, खासकर सर्दियों के महीनों के दौरान, तो यह संकेत हो सकता है कि अपर्याप्त विटामिन-डी के कारण आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो गई है।

घावों को ठीक होने में लगता है अधिक समय : यदि आपके घाव और कट को ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लगता है, तो यह भी विटामिन-डी की कमी के कारण हो सकता है। यह महत्वपूर्ण पोषक तत्व शरीर की प्राकृतिक उपचार प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

हड्डियों और मांसपेशियों में रहता है दर्द : हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए विटामिन-डी बहुत जरूरी है। विटामिन-डी के स्तर में कमी के परिणामस्वरूप हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी और यहां तक कि ऑस्टियोमलेशिया जैसी गंभीर स्थितियां भी हो सकती हैं। यदि आप अपनी हड्डियों और मांसपेशियों में अस्पष्ट कारणों से दर्द और ऐंठन का अनुभव करते हैं, तो विटामिन-डी के टेस्ट को लेकर एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।