कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा भारत पर गंभीर आरोप लगाने के बाद नरेन्द्र मोदी सरकार खालिस्तानी आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी तरह एक्शन में आ गई है। ट्रूडो ने कनाडा की संसद में कहा था कि खालिस्तानी हरदीप ङ्क्षसह निज्जर की हत्या में भारतीय गुप्तचर एजेंसी रॉ का हाथ हो सकता है। बिना सबूत के कनाडा द्वारा लगाए गए इस आरोप के बाद दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। कनाडा ने इसके विरोध में भारत के एक शीर्ष राजनयिक को कनाडा छोडऩे का आदेश जारी कर दिया तथा कनाडाई नागरिकों के लिए एडवाइजरी भी जारी कर दी। भारत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कनाडा के उच्चायुक्त को खरी-खोटी सुनाने के बाद एक शीर्ष राजनयिक को भी पांच दिन के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दे दिया तथा अपने नागरिकों के लिए भी एडवाइजरी जारी कर दिया।

भारत का एक्शन यहीं नहीं रुका। उसके बाद भारत ने कनाडाई नागरिकों के वीजा पर तत्काल रोक लगा दी जिससे कनाडा के नागरिक भारत नहीं आ सकते। भारत ने खालिस्तानियों पर नकेल कसने के लिए अपने सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड में ला दिया है। एनआईए खालिस्तानियों के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन ले रही है। भारत ने दस कट्टर खालिस्तानियों की एक सूची तैयार की है जिसमें से आठ कनाडा में हैं। भारत ने इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा इन्हें भारत को सौंपने की मांग की है। इसके अलावा 19 ऐसे खालिस्तानियों की सूची बनाकर उसे भारत के सभी हवाई अड्डों एवं रेलवे स्टेशनों पर लगाया जा रहा है, ताकि आम जनता भी उसको पकड़वाने में मदद कर सके।

एनआईए कनाडा में सक्रिय खालिस्तानियों की भारत में उपलब्ध संपत्ति को जब्त कर अपने हवाले कर रही है। हाल ही में एनआईए ने सिख फॉर जस्टिस के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू की पंजाब में स्थित अचल संपत्ति को जब्त की है। इसके अलावा सरकार ने अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा तथा आस्ट्रेलिया में भारत के खिलाफ प्रदर्शन करवाने आदि गतिविधियों में संलग्न खालिस्तानियों की पहचान करने का निर्देश वहां कार्यरत अपनी एजेंसियों को दिया है ताकि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। विदेश मंत्रालय ऐसे लोगों के ओसीआई  (ओवरसीज सिटीजन) कार्ड को खत्म करने की तैयारी में है ताकि भारत में उनके प्रवेश को रोका जा सके। कनाडा खालिस्तानियों का पनाहगार बना हुआ है जिसको भारत से भी वित्तीय सहायता मिल रही है। पंजाब में सक्रिय खालिस्तानियों के समर्थक तथा मददगार जबरन वसूली कर हवाला के जरिए कनाडा में नगद राशि भेज रहे हैं। एनआईए इस नेटवर्क को भी तहस-नहस करने के लिए काम कर रही है। कनाडा को अंतर्राष्ट्रीय मंचों से भी बेनकाब करने के लिए विदेश मंत्रालय पूरी तरह सक्रिय है।