करेला खाने में कड़वा लगता है, इसका जूस पीने में जहरीला सा लगता है। लेकिन यह आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। विशेष रूप से करेला डायबिटीज का काल माना जाता है। आज हम अपने पाठकों को करेल का जूस या करेला खाने से होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं—
मुंह के छालों में करेला : कई बार मुंह के छालों के इलाज के लिए लोग उल्टे-सीधे उपाय करते हैं। नतीजन मुंह के छाले सही होने के बजाय बिगड़ जाते हैं। कई बार ये कैंसर का भी रूप ले लेता है। लेकिन आपको घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि करेले का इस्तेमाल करें। करेले का रस निकालें उसमें मुलतानी मिट्टी मिलाकर इसका पेस्ट बनाएं और इसे छालों पर लगाएं।
मोटापा कम करे : डायबिटीज के साथ-साथ करेले का जूस मोटापा कम करने में हेल्प करता है। यह इंसुलिन को एक्टिव करता है जिससे बॉडी में बनने वाला शुगर फैट का रूप नहीं ले पाता है। इससे फैट कम करने और कंट्रोल करने में हेल्प मिलती है। इसके अलावा करेले में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती हैं जिससे कैलोरी कंट्रोल में रहती है और वजन नहीं बढ़ता है।
हार्ट के लिए अच्छा : करेले का जूस ब्लड में बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को काफी कम कर देता है। यह आयरन और फोलिक एसिड से भरपूर होने के कारण स्ट्रोक के खतरे को कम करने और हार्ट को हेल्दी रखने के लिए जाना जाता है। यह बॉडी के ब्लड प्रेशर को भी बनाए रखता है क्योंकि यह पोटेशियम से भरपूर होता है, जो बॉडी में एक्स्ट्रा सोडियम को अवशोषित करता है।
पथरी रोगियों के लिए अमृत : पथरी रोगियों को दो करेले का रस पीने और करेले की सब्जी खाने से आराम मिलता है। इससे पथरी गलकर धीरे-धीरे बाहर निकल जाती है। 20 ग्राम करेले के रस में शहद मिलाकर पीने से पथरी गल कर पेशाब के रास्ते निकल जाती है। इसके पत्तों के 50 मिलीलीटर रस में हींग मिलाकर पीने से पेशाब खुलकर आता है।
डायरिया में फायदेमंद : उल्टी-दस्त या हैजा की समस्या होने पर करेले के रस में थोड़ा पानी और काला नमक मिलाकर सेवन करने से तुरंत लाभ मिलता है। यकृत संबंधी बीमारियों में भी करेला बहुत ही लाभकारी है। जलोदर रोग होने या यकृत बढ़ जाने पर आधा कप पानी में दो चम्मच करेले का रस मिलाकर दिन में तीन से चार बार पीने से लाभ होता है।