बिजली के कड़कने और गिरने के बारे में तो आपने कई बार सुना और पढ़ा होगा। लेकिन ओडिशा में आसमान से मानों कहर ही बरपा है। ओडिशा के भुवनेश्वर के करीब महज दो घंटे के अंदर 61 हजार बार आकाशीय बिजली गिरी है। इस घटना ने हर किसी को दहला दिया है। आईएमडी की मानें तो भुवनेश्वर में सबसे ज्यादा बिजली गिरने की खबर मिली हैं। ओडिशा में हुई इस घटना के बीच आईए जानते हैं कि आखिर बिजली गिरती क्यों है और क्या पेड़ नीचे खड़े रहना सही होता है। 

क्यों चमकती और गिरती है बिजली : आमतौर पर मॉनसून के दिनों में हम ये अकसर सुनते रहते हैं कि फलां जगह पर बिजली चमकी या गिरी। बारिश के दिनों में हमें इस तरह की बातें सुनने के मिलती हैं कि बिजली के गिरने से कई लोगों की मौत हो गई। दरअसल बिजली के चमकने और गिरने को लेकर सबसे पहले वैज्ञानिक बेंजामिन फ्रेंकलिन ने दावा किया था। उन्होंने 1872 में ये बताया था कि आकाश से बिजली चमकती है और गिरती भी है। वैज्ञानिक के मुताबिक, आकाश में पानी के छोटे-छोटे कण होते हैं। ये कण हवा की रगड़ के कारण आवेशित होने लगते हैं। ऐसे में बादलों में एक सकारात्मक चार्ज आ जाता है। जबकि कुछ नेटेटिव चार्ज होता है। जब ये दोनों ही तरह के चार्ज वाले बादल आपस में टकराते हैं तो बिजली चमकती है। इन दोनों बादलों के घर्षण से हाई वॉल्टेज बिजली जेनरेट या पैदा होती है। कभी-कभी ये पैदा हुई बिजली की मात्रा इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि ये आकाश से पृथ्वी की ओर गिरती है। यानी धरती तक पहुंच जाती है। लेकिन जब ये घर्षण कम होता है हमें सिर्फ बादलों के गरजने की आवाज और बिजली के चमकने के दृश्य ही दिखाई देते हैं। हालांकि कुछ स्थितियों में हमें बिजली चमकते  हुए दिखती है लेकिन दुनिया के किसी हिस्से में गिर भी सकती है।

 क्या बिजली गिरने के वक्त पेड़ या खंभा सुरक्षित है : दरअसल बिजली चमके या गिरने की स्थिति हो तो किसी भी कीमत पर बिजली के खंभों या पेड़ों के आस-पास खड़े ना हों, क्योंकि बिजली गिरने के दौरान सबसे छोटा रास्ता चुनती है। आसामानी बिजली जमीन की ओर आती है तो पतली धारा के साथ ऊंचे खंभे इसे कंडक्टर देने का काम करते हैं ऐसे में इसके आस-पास रहने से आपको बड़ा नुकसान हो सकता है।

  इस वक्त हो जाएं सबसे ज्यादा सतर्क : बिजली चमकने के दौरान एक वक्त ऐसा आता है जब आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। जरअसल अगर आप कहीं बाहर हैं और आपको लगता है कि आपके सिर के बार ऊपर उठ रहे हैं तो समझ जाइए कि बिजली यहां या आस-पास में कभी भी गिर सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप सिर और कानों को तुरंत ढंक लें और कहीं आड़ में बैठ जाएं।