लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर कहा कि यदि हमारे शिक्षक नहीं होते, तो हम आगे नहीं बढ़ पाते और आज यहां तक नहीं पहुंच पाते। योगी ने राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित 94 शिक्षकों को सम्मानित करते हुए कहा कि हमारे शिक्षक हमारे व्यक्तित्व के निर्माण में योगदान देने के साथ-साथ हमें चुनौतियों से लडऩे के लिए प्रेरित करते आए हैं। इस अवसर पर उन्होंने 2.09 लाख टैबलेट वितरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की।  मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वर्तमान पीढ़ी को काबिल बनाने के लिए जितनी मेहनत हो सकती है, करें।

सुबह की प्रार्थना को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाएं। आप नए सिरे से पीढय़िों को बनाने का कार्य कर रहे हैं। जो पीढिय़ां बनेंगी, वो जीवनभर आपको याद करेंगी। उन्होंने कहा कि यदि हमारे शिक्षक नहीं होते, तो हम आगे नहीं बढ़ पाते और आज यहां तक नहीं पहुंच पाते। हमारे शिक्षक हमारे व्यक्तित्व के निर्माण में योगदान देने के साथ-साथ हमें चुनौतियों से लडऩे के लिए प्रेरित करते आए हैं।  योगी ने कहा कि हमारे शिक्षक सुविधाभोगी नहीं थे। वे अल्प संसाधनों में, कम वेतन में कार्य करते थे।

उन्होंने उस समय जो मेहनत की, उससे आज की होनहार पीढय़िां तैयार हुईं। यही कार्य आप भी कर सकते हैं। आप भी अपने छात्रों के लिए वंदनीय बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक की भूमिका के बारे में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का स्पष्ट कहना था कि वह राष्ट्र निर्माता है। प्राचीन काल से ही भारत ने अपने शिक्षकों के इस स्वरूप को मान्यता दी है।