सावन का महीना त्योहारों का महीना होता है। भगवान शिव के भक्त कावड़ यात्रा से इसकी शुरुआत करते हैं फिर एक-एक कर सावन के सोमवार से लेकर मंगलागौरी का व्रत और हरियाली तीज जैसे कई पर्व इस दौरान आते हैं। इस साल 59 दिनों का सावन है। अधिकमास में त्योहारों की गिनती भी बढ़ गई है। सावन के महीने में हरियाली तीज के दिन तो झूला झूलते ही हैं लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से भी झूला झूलने के कई फायदे हैं। ये ऐसा समय होता है जब चारों ओर हरियाली होती है। बारिश के कारण सब धुला और साफ नज़र आता है। मौसम में ताज़गी होती है। ऐसे में झूला झूलने का मज़ा ही खास होता है। 

सावन का झूला झूलने के फायदे 

मन होता है खुश : झूला झूलने से ऐसे हारमोंस एक्टिव होते हैं जिससे आप खुशी महसूस करती हैं। पढ़ाई में बढ़ता है फोकस : एक स्टडी में ये बात सामने आई है कि झूला झूलने से फोकस बढ़ता है। खासकर जो बच्चे झूल झूलना पसंद करते हैं आप नोटिस करेंगे कि वो पढ़ाई में भी बड़े फोकस होते हैं।

तनाव होता है दूर : कहते हैं जब आप बहुत तनाव में हों और आपके दीमाग से कोई बात निकल ही ना रही हो तो आपको झूला झूलना चाहिए। ऐसा करने से माइंड रिलेक्स होता है और आपके मन में जो उदासी होती है वो भी दूर होती है।

कैलोरी होती हैं बर्न : एक अनुमान लगाया गया है कि आधा घंटा झूला झूलने से 100 कैलोरी बर्न होती हैं और मांसपेशियां एक्टिव होती हैं। एरोबिक की क्षमता भी इससे बढ़ती है। तो आप अगर अब तक झूला झूलना बच्चों का काम समझते थे तो अब से आप इसे किसी व्यायाम से कम नहीं समझेंगे। सावन में झूला झूलने के मज़ा तो आता ही है साथ ही साथ ही बदलते मौसम में आपकी मांसपेशियों इस तरह खुलती हैं कि आप तरोताज़ा महसूस करते हैं और आप अपने काम पहले से और बेहतर कर पाते हैं।