हम्पी (कर्नाटक) : केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को कहा कि जी-20 कार्य समूह की बैठकें चार मुख्य प्राथमिकताओं की पहचान करने और उन पर विचार-विमर्श करने से आगे बढ़कर कार्रवाई-उन्मुख सिफारिशों पर आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही हैं, जो संस्कृति को नीति निर्धारण के केंद्र में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। जोशी ने जी-20 कार्य समूह की बैठक में प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह समूह प्राथमिकता के उन चार क्षेत्रों संबंधी मंत्रिस्तरीय घोषणा पर आम सहमति बनाने का प्रयास कर रहा है, जो एक समावेशी और टिकाऊ भविष्य की सोच के लिए अहम हैं। यह बैठक रविवार को यहां शुरू हुई। बैठक के लिए निर्धारित चार प्राथमिकताएं हैं - सांस्कृतिक संपत्ति का संरक्षण एवं पुनर्स्थापन, टिकाऊ भविष्य के लिए जीवंत विरासत का दोहन, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना तथा संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाना। जोशी ने कहा कि ये प्राथमिकताएं एक ऐसी दुनिया को दर्शाती हैं, जो सांस्कृतिक रूप से विविध, किंतु एकजुट है।
जी-20 बैठकों ने संस्कृति को नीति निर्माण के केंद्र में लाने में मदद की : जोशी