रांची : दिवंगत मंत्री जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी ने झारखंड कैबिनेट में 11वें मंत्री के रूप में शपथ ली। उन्हें राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित अन्य मंत्री और विधायक मौजूद रहे। बता दें कि पिछले दिनों सरकार ने राजभवन को शपथ ग्रहण कराने की सूचना दी थी। उससे पहले बेबी देवी ने झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन से उनके मोरहाबादी स्थित आवास में मुलाकात की थी। तभी से कयास लगाए जाने लगे थे कि बेबी देवी को हेमंत कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। इस सरकार में विधायक बनने से पहले मंत्रिपद की शपथ लेने वालीं बेबी देवी दूसरी मंत्री हैं। पहले हफीजुल हसन मंत्री बने थे।

बता दें कि 6 अप्रैल को झारखंड के तात्कालीन स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री जगरनाथ महतो का चेन्नई में इलाज के दौरान निधन हो गया था। उनके निधन से डुमरी विधानसभा सीट खाली हो गई और हेमंत कैबिनेट में एक मंत्रिपद भी रिक्त हो गया। डुमरी विधानसभा में 6 महीने के भीतर उपचुनाव होना है। ऐसे में झामुमो ने दिवंगत जगरनाथ महतो की पत्नी बेबी देवी को मंत्रिपद की शपथ दिलाकर बड़ा दांव चला है। झामुमो को 2 फायदे होंगे। एक तो महतो नेता की निरंतरता बरकरार रहेगी और समर्थन भी, वहीं उपचुनाव में बेबी देवी को सहानुभूति भी मिलेगी।

बता दें कि स्वर्गीय जगरनाथ महतो ने बोकारो के डुमरी विधानसभा सीट से पिछले 3 टर्म में लगातार जीत दर्ज की थी। इस बात की प्रबल संभावना है कि बेबी देवी को हेमंत कैबिनेट में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय ही दिया जाएगा जोकि उनके दिवंगत पति के पास था। बताया जाता है कि जगरनाथ महतो के बेटे अखिलेश महतो को ही मंत्रिपद दिया जाता लेकिन वह 25 वर्ष की न्यूनतम अहर्ता पूरी नहीं करते। बता दें कि जब वर्ष 2020 में जगरनाथ महतो कोरोना संक्रमित हुए तभी उनके बेटे अखिलेश महतो और पत्नी बेबी देवी ने राजनीति में सक्रियता से हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। बेबी देवी नियमित रूप से क्षेत्र की जनता के बीच सक्रिय थीं। मंत्री बनाए जाने की घोषणा के बाद एक स्थानीय न्यूज पोर्टल से बातचीत में बेबी देवी ने कहा कि वह अपने पति के अधूरे कार्यों को पूरा करेंगी। यही प्राथमिकता है।