इस साल सावन का अधिकमास होगा। अधिकमास की वजह से चातुर्मास 4 के बजाय 5 माह का रहेगा। वर्तमान समय में नल संवत्सर 2080 चल रहा है, जो कि 13 महीनों का रहेगा। हिन्दू पंचांग में हर बार करीब तीन साल बाद अधिकमास आता है। इस बार सावन में अधिकमास का योग 19 साल बाद बन रहा है। इससे पहले 2004 में सावन का अधिकमास था। शिव पूजा और आराधना का खास महीना सावन 4 जुलाई से शुरू हो रहा है और 18 जुलाई से 16 अगस्त तक अधिकमास रहेगा। इसके बाद सावन का शेष महीना शुरू होगा जो कि 31 अगस्त तक रहेगा। इस साल सावन 59 दिनों का होगा। पंचांग के अनुसार 19 साल बाद सावन पर बहुत ही खास संयोग बन रहा है, जिसमें पूरे महीने शिव और माता पार्वती दोनों की असीम कृपा प्राप्त होगी।

सावन का महीना शिव भक्तों के लिए बहुत खास रहने वाला है। इस बार सावन का महीने पूरे दो महीने का होगा। दरअसल इस बार मलमास लग जाने का कारण सावन 59 दिनों का हो गया है। ऐसे में शवि भक्तों को सोमवार के दिन महादेव की उपासना करने के लिए पूरे 8 सोमवार मिलेंगे। इस बार सावन महीने की शुरुआत 4 जुलाई 2023 से होने जा रही है। 31 अगस्त को सावन का समापन होगा। इस बार शिव भक्तों को कुल 59 दिन भगवान शिव की उपासना के लिए मिलेंगे।

सावन मास पूरा महादेव को समर्पित है, लेकिन अधिकमास के स्वामी श्रीविष्णु हैं, इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इस बार सावन में पड़ने के कारण यह अधिकमास और भी विशेष हो गया है, क्योंकि इस मास में जो भी जातक निष्ठापूर्वक भगवान का चिंतन-मनन करेगा, उन्हें हरि और हर दोनों की कृपा प्राप्त होगी। अधिकमास में सूर्य संक्राति नहीं होती है। इस बार 16 जुलाई को कर्क संक्रांति और 18 से सावन का अधिकमास शुरू होगा। 16 अगस्त को अधिकमास खत्म होगा और 17 तारीख को सिंह संक्रांति रहेगी। अधिकमास को अधिमास, मलमास और पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं।