नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्षी दलों पर बुधवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को 'सांप्रदायिकता के कारीगरों' से मुक्त कराने का समय आ गया है क्योंकि यह किसी विशेष समुदाय के लिए नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह यूसीसी के प्रति संवैधानिक प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है या इसके कार्यान्वयन के खिलाफ 'सांप्रदायिक साजिश' का हिस्सा है। नकवी ने कहा कि संविधान सभा से लेकर संसद, सड़क, नागरिक समाज, उच्चतम न्यायालय कई मौकों पर यूसीसी की संवैधानिक जरूरत को मजबूती से महसूस करते रहे लेकिन 'सांप्रदायिक सियासत' ने 'समावेशी सुधार' को हाईजैक किया। इसका परिणाम यह रहा कि यूसीसी संविधान का हिस्सा बनने के बजाय इसके नीति निर्देशक सिद्धांतों का एक हिस्सा बनकर रह गया। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता पर फिर से राष्ट्रीय बहस की प्रभावी प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही 'सांप्रदायिक वोटों के सौदागरों' ने फिर से इसके खिलाफ अपना कटुतापूर्ण दुष्प्रचार शुरू कर दिया है।