नोएडा : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मीडिया की स्वतंत्रता की वकालत करते हुए 25 जून, 1975 को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास के एक 'काला दिन' के रूप में याद किया, जब इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देशभर में आपातकाल लागू कर दिया था। 'द इंडियन एक्सप्रेस' के संस्थापक के नाम पर नोएडा में एक प्रमुख सड़क का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर रामनाथ गोयनका मार्ग रखने के बाद आदित्यनाथ इस प्रकाशन संस्था के कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

पहले अमलताश रोड के नाम से जाना जाने वाला यह व्यस्त मार्ग नोएडा के सेक्टर 16 में रजनीगंधा चौक को सेक्टर 12 से जोड़ता है और 'इंडियन एक्सप्रेस' का कार्यालय इसी मार्ग पर स्थित है। आदित्यनाथ ने उन लोगों को भी याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने 1977 तक चले आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को बहाल करने के लिए काम किया। आदित्यनाथ ने कहा कि 25 जून, 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काले दिन के रूप में जाना जाता है। लेकिन उस दौरान भारत ने उन लोगों के संघर्ष और बलिदान को देखा था जिन्होंने लोकतंत्र और मीडिया की स्वतंत्रता को बचाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था। उन्होंने लोकतंत्र के लिए लडऩे के लिए किसी भी हद तक जाने की इच्छाशक्ति दिखाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मेरे लिए भावनात्मक दिन है, लोकतंत्र बचाने की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण दिन है, मैं इसे संयोग नहीं मानता कि इस सड़क का नामकरण आज 25 जून को ही रामनाथ गोयनका के नाम पर करना पड़ा। उन्होंने आपातकाल के दौरान मीडिया की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की लड़ाई में गोयनका के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि आज मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले नोएडा में उनके नाम पर बनी इस सड़क का उद्घाटन करने का अवसर मिला। इस अवसर पर मैं गोयनका समेत लोकतंत्र के सभी सेनानियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस पार्टी के साथ जयप्रकाश और लोहिया के नाम पर राजनीति करने वाले लोग मिलकर भाजपा के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।  उन्होंने कहा कि 48 वर्ष पूर्व आज के ही दिन कांग्रेस पार्टी ने लोकतंत्र की हत्या करते हुए देश में आपातकाल लगाया था।