रांची : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ-साथ झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी में भी बदलाव की चर्चा हो रही है। दरअसल, हालिया दिनों में झारखंड कांग्रेस के कई पदाधिकारियों और विधायकों ने दिल्ली जाकर कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात की है। इसे झारखंड में मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल से पहले अपनी-अपनी संभावनाएं तलाशने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा था।

गौरतलब है कि बीते 6 अप्रैल को झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का निधन हो गया। मुख्यमंत्री झामुमो कोटे से उनकी जगह किसी को मंत्री बना सकते हैं। ऐसे कयासों के बीच कांग्रेस कोटे से बने मंत्रियों को भी बदले जाने की बात कही जा रही है। बता दें कि हेमंत सोरेन झारखंड में झामुमो-कांग्रेस और राजद गठबंधन का नेतृत्व करते हैं। अंग्रेजी समाचार वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड कांग्रेस से जुड़े एक सूत्र ने कहा है कि केंद्रीय नेतृत्व मौजूदा समय में कैबिनेट में शामिल अपने मंत्रियों को बदले जाने को अंतिम रूप देने पर चर्चा कर रहा है। बता दें कि हेमंत कैबिनेट में झारखंड कोटे से 4 मंत्री हैं।

बादल पत्रलेख के पास कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्रालय है। बन्ना गुप्ता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हैं। रामेश्वर उरांव के पास वित्त एवं खाद्य आपूर्ति विभाग है वहीं आलमगीर आलम ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि 4 में से कम से कम 3 मंत्री मंत्रिमंडल में फेरबदल का शिकार हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि कई विधायकों ने अपनी पैरवी की है। हाल के दिनों में बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद, महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह, झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह और कई अन्य विधायकों ने मुलाकात की है।

हेमंत कैबिनेट में शामिल कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को बदले जाने के साथ-साथ अब झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष पद पर बदलाव की बात भी कही जा रही है। दरअसल, कांग्रेस की झारखंड इकाई का एक धड़ा प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर को हटाने की मांग कर रहा है। हवाला दिया जा रहा है कि अन्य राज्यों में भी प्रदेश अध्यक्ष बदले गए हैं।