एक नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि ऐसे फूड आइटम्स, जिनमें फैट और शुगर की मात्रा ज्यादा होती है (अनहेल्दी/फास्ट फूड) वो हमारे दिमाग में बदलाव लाते हैं। यही वजह है कि हम चॉकलेट, चिप्स, फ्राइज खाने से खुद को रोक नहीं पाते। इन्हें रोजाना (भले ही कम मात्रा में) खाने से हमारे दिमाग में इन चीजों को दोबारा खाने का लालच आ जाता है। रिसर्चर शर्मीली एडविन थानाराजा ने कहा कि चॉकलेट, चिप्स जैसे फूड आइटम्स खाना हमारी पसंद कैसे बनता है? इसमें दिमाग काफी अहम रोल निभाता है। ये अनजाने में ज्यादा फैट और शुगर वाला खाना पसंद करता है।
इस बात को साबित करने के लिए कुछ वॉलंटियर्स पर शोध किया गया। वॉलंटियर्स के एक ग्रुप को 8 हफ्तों तक ज्यादा फैट और शुगर वाली पुडिंग खिलाई गई। दूसरे ग्रुप को कम फैट और शुगर वाली पुडिंग खिलाई गई। साथ ही पुडिंग खाने से पहले और बाद में वॉलंटियर्स की ब्रेन एक्टिविटी को स्टडी किया गया। इसमें सामने आया कि कम फैट और शुगर वाली पुडिंग खाने की तुलना में ज्यादा फैट-शुगर वाली पुडिंग खाने से ब्रेन का रिस्पॉन्स भी काफी ज्यादा रहा।
शोधकर्ताओं ने कहा- ज्यादा फैट और शुगर दिमाग के डोपामिनर्जिक सिस्टम को एक्टिवेट कर देता है। डोपामिनर्जिक दिमाग का वो हिस्सा जो हमें खुशी महसूस करवाता है। ब्रेन एक्टिविटी की स्टडी में पाया गया कि चॉकलेट, चिप्स जैसे फूड आइटम्स खाने से दिमाग अपने आप को रिपेयर (रिवायर) करता है यानी किसी कारण दिमाग के टूटे हुए कनेक्शन ज्यादा फैट और शुगर वाले आइटम्स खाने के बाद जुड़ने लगते हैं। दिमाग अनजाने में (सबकॉन्शियशली) खुशी महसूस करने वाला खाना पसंद करने लगता है।