विश्व टेस्ट क्रिकेट चैंपियनशिप में आस्ट्रेलिया ने भारत को 209 रन से शिकस्त देकर आईसीसी खिताब जीतने के भारत के सपने को चकनाचूर कर दिया। पिछले चैंपियनशिप में न्यूजीलैंड के हाथों शिकस्त खाने के बाद ऐसी उम्मीद थी कि इस बार भारत बेहतर प्रदर्शन करके यह खिताब हासिल करेगा। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के आखिरी दिन सबकी नजरें विराट कोहली और रवीन्द्र जडेजा पर लगी हुई थी, किंतु आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने दोनों को एक ही ओवर में आउट कर आस्ट्रेलया की जीत पक्की कर दी। भारत ने खेल के अंतिम दिन पहले ही सत्र में 70 रन के भीतर सात विकेट गंवा दिये। भारत की दूसरी पारी 234 रन पर सिमट गई। इस मैच में टॉस जीतने के अलावा कुछ भी भारत के पक्ष में नहीं रहा। आस्टे्रलिया की पहली पारी के 469 रन के जवाब में भारत ने केवल 296 रन बनाये थे।
आस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में आठ विकेट पर 270 रन बनाकर भारत को 444 रन का लक्ष्य दिया था। लेकिन भारत इस लक्ष्य को हासिल करने में नाकाम रहा। चौथे दिन फॉर्म में दिख रहे विराट कोहली से बड़ा स्कोर करने की उम्मीद लगाई जा रही थी, ङ्क्षकतु वे उम्मीद पर खड़े नहीं उतरे। अङ्क्षजक्या रहाणे और केएस भरत ने कुछ अच्छे स्टोक्स लगाये, ङ्क्षकतु मिशेल स्टॉर्क ने वापसी करते हुए रहाणे को आउट किया। इसके बाद विकेटों का पतझड़ जारी रहा जिसने भारत की हार पर मुहर लगा दी। आस्ट्रेलिया की पहली पारी में ट्रेविस हेड के 163 रन तथा स्टीव स्मिथ के 121 रन ने आस्ट्रेलिया की जीत की नींव रख दी थी। पहले दिन के दूसरे और तीसरे सत्र में भारतीय गेंदबाजों ने खराब गेंदबाजी कर रन लुटाये जिसका लाभ आस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को मिला।
भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा एवं विराट कोहली का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इन बल्लेबाजों के शॉट का चयन भी सही नहीं था। कई क्रिकेट समीक्षकों ने इस पर ध्यान आकृृष्ट किया है। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का खराब फॉर्म टीम इंडिया पर भारी पड़ गया। उनकी कप्तानी और शॉट सेलेक्शन दोनों पर प्रश्न उठ रहे हैं। दोनों पारियों में अच्छी शुरुआत के बाद विराट कोहली ने खराब शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा दिया। टेस्ट मैच के विशेषज्ञ बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा जो इंग्लैंड में ही रहकर टेस्ट की तैयारी कर रहे थे, दोनों पारियों में केवल 72 गेंद ही खेल पाये। सबको उम्मीद थी कि पुजारा एक छोर को संभाल कर टीम इंडिया को मजबूती देंगे। पहली पारी में 48 रन बनाने वाले रवीन्द्र जडेजा दूसरी पारी में दूसरी ही बॉल पर बिना खाता खोले चलते बने।
ऋषभ पंत की गैर-मौजूदगी में श्रीकर भरत पर भरोसा जताया गया था, ङ्क्षकतु वे टीम पर बोझ ही साबित हुए। दोनों पारियों में कुल मिलाकर भरत ने केवल 28 रन ही बनाये। आईपीएल में शतकों की झड़ी लगाने वाले शुभमन गिल का बल्ला इस बड़े मैच में नहीं चला। लगभग डेढ़ साल से अंतर्राष्ट्रीय मैच से दूर रहे रहाणे ने बल्लेबाजी से अपनी उपयोगिता साबित की। रहाणे ने यह साबित कर दिया कि अब भी उनमें बहुत क्रिकेट बाकी है। क्रिकेट विशेषज्ञों ने भारतीय टीम में नंबर वन टेस्ट गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन को शामिल नहीं किये जाने पर प्रश्न उठाये हैं। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने अश्विन के टीम में शामिल नहीं किये जाने पर आश्चर्य व्यक्त किया है।उनका मानना है कि आस्ट्रेलियाई टीम में बाएं हाथ के कई बल्लेबाज हैं जिसके खिलाफ अश्विन कारगर साबित हो सकते थे। भारत के मुकाबले आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने बेहतर प्रदर्शन किया। स्कॉट बोलैंड ने शानदार गेंदबाजी कर टीम इंडिया को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। ऐसा लगता है कि भारतीय क्रिकेट खिलाडिय़ों ने आईसीसी मैचों के मुकाबले आईपीएल को ज्यादा तरजीह दी है। इसका असर आईसीसी के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप पर पड़ा है। बीसीसीआई को इस तरफ ध्यान देने की जरुरत है।