लंदन : अमरीका के दौरे पर गए ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बृहस्पतिवार को इस साल के अंत में कृत्रिम मेधा (एआई) पर पहली बार वैश्विक शिखर सम्मेलन की योजना की घोषणा की। इसमें प्रमुख देशों, प्रमुख तकनीकी कंपनियों और शोधकर्ताओं को एआई के सबसे महत्वपूर्ण जोखिमों के मूल्यांकन और निगरानी के लिए सुरक्षा उपायों पर सहमत होने के लिए एक साथ लाया जाएगा। इस स्तर पर 'डाउनिंग स्ट्रीट' (ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय) द्वारा भाग लेने वाले देशों की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन भारत के उन देशों में शामिल होने की संभावना है, क्योंकि सुनक ने सुरक्षित और विश्वसनीय विकास तथा एआई उपयोग सुनिश्चित करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय ढांचा विकसित करने के लिए समान विचारधारा वाले सहयोगियों और कंपनियों के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया। शिखर सम्मेलन इस साल शरद ऋतु में ब्रिटेन में आयोजित किया जाएगा।

सम्मेलन में एआई के जोखिमों पर विचार होगा और चर्चा की जाएगी कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित कार्रवाई के माध्यम से उन्हें कैसे कम किया जा सकता है। सुनक ने कहा कि एआई में हमारे जीवन को बेहतर बनाने की अविश्वसनीय क्षमता है। लेकिन हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि इसे सुरक्षित और संरक्षित तरीके से विकसित और उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि पूरे इतिहास में बार-बार हमने प्रतिमान बदलने वाली नई तकनीकों का आविष्कार किया है, और हमने मानवता की भलाई के लिए उनका उपयोग किया है। यही हमें फिर से करना होगा। यह काम कोई एक देश अकेला नहीं कर सकता।  यह एक वैश्विक प्रयास है। लेकिन एक खुली, लोकतांत्रिक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए हमारी विशाल विशेषज्ञता और प्रतिबद्धता के साथ, ब्रिटेन अगुवाई करने के लिए साथ खड़ा रहेगा।