इंदौर : कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने ओडिशा के बालासोर में हुए रेल हादसे को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी की फरवरी में दी गई लिखित चेतावनी के बावजूद सरकार इंटरलॉकिंग सिग्नल प्रणाली में सुधार करने में नाकाम रही जिसका दुष्परिणाम बालासोर रेल हादसे के रूप में सामने आया। सिंह ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि बालासोर में हुआ रेल हादसा आजाद भारत का सबसे बड़ा रेल हादसा है। रेलवे के शुरुआती बयान में इंटरलॉकिंग सिग्नल प्रणाली की गड़बड़ी को इस हादसे का कारण बताया गया है।
उन्होंने दावा किया कि रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने फरवरी में अपने एक पत्र में इंटरलॉकिंग सिग्नल प्रणाली की गड़बड़ी के कारण ट्रेन दुर्घटना के बड़े खतरे को लेकर साफ शब्दों में आगाह किया था और कहा था कि इस गड़बड़ी को तत्काल सुधारा जाना चाहिए। सिंह ने कहा कि समय रहते यह गड़बड़ी ठीक नहीं किए जाने से बालासोर में भीषण रेल हादसा हुआ।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से देश में ट्रेनों के पटरी से उतरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि रेलवे में रख-रखाव व सुरक्षा उपायों पर बजट आवंटन कम होता जा रहा है। वहीं, बुलेट ट्रेन परियोजना पर बेतहाशा खर्च हो रहा है जिसका टिकट गरीब आदमी कभी नहीं खरीद सकेगा। वंदे भारत ट्रेनों की हालत यह है कि गाय के टकराने से इसका इंजन बेकार हो जाता है।
\राज्यसभा सदस्य ने कहा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) ने देश में ट्रेनों के पटरी से उतरने की घटनाओं के कारणों के उपायों को लेकर संसद में एक रिपोर्ट पेश की थी, लेकिन इस रिपोर्ट पर केंद्र सरकार ने सदन में चर्चा तक नहीं कराई। सिंह ने बालासोर रेल हादसे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि देश में एक वक्त वह भी था, जब लालबहादुर शास्त्री ने एक सामान्य ट्रेन हादसे पर रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।