कोलेस्ट्रॉल एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। यह चिपचिपा पदार्थ खून की नसों में जमा होता है और इसका लेवल बढ़ने से उनमें ब्लॉकेज हो सकती है जिससे ब्लड फ्लो धीमा हो सकता है और आपको हार्ट अटैक, स्ट्रोक और दिल से जुड़े रोग हो सकते हैं। कोलेस्ट्रॉल की वजह से हर साल करीब 18 मिलियन लोगों की मौत होती है। अच्छी बात यह है कि इस जानलेवा समस्या से पाने के लिए आप वेजिटेरियन और वेगन डाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं। यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन में पाया गया है कि वेजिटेरियन और वेगन डाइट कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार शोधकर्ताओं ने 1982 और 2022 के बीच अलग-अलग देशों के 2,372 लोगों पर इसका अध्ययन किया।
शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि वेजिटेरियन और वेगन डाइट के जरिए टोटल कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और एपोलिपोप्रोटीन बी को कम किया जा सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार प्लांट बेस्ड डाइट में एथेरोजेनिक लिपोप्रोटीन से एथेरोस्क्लेरोटिक बोझ को कम करने की क्षमता होती है और इस तरह हृदय रोग के जोखिम को कम करता है। शोधकर्ताओं ने टीसी, एलडीएल-सी, टीजी, और एपीओबी ब्लड लेवल पर वेजिटेरियन और वेगन डाइट का प्रभाव का पता लगाया। अध्ययन के दौरान प्रतिभागियों में एलडीएल या कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन, जिसे खराब कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है की निगरानी की गई। उन्होंने पाया कि प्लांट बेस्ड डाइट लेने वालों में एलडीएल लेवल 10फीसदी तक गिर गया था।
यह भी पाया कि टोटल कोलेस्ट्रॉल में 7फीसदी की गिरावट आई। एपोलिपोप्रोटीन बी का हाई लेवल हार्ट डिजीज के रिस्क से जुड़ा है। शोधकर्ताओं ने एपोलिपोप्रोटीन बी लेवल और प्लांट बेस्ड डाइट के बीच संबंध पाया। उन्होंने देखा कि इस डाइट से उनका एपोलिपोप्रोटीन बी लेवल 14फीसदी कम हो गया। अगर प्लांट बेस्ड फूड्स की बात करें, तो आपको अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। फाइबर पाचन तंत्र में कोलेस्ट्रॉल को बांधते हैं और परिसंचरण में आने से पहले उन्हें शरीर से बाहर निकाल देते हैं। इसके लिए आप डाइट में ओट्स, जौ, साबुत अनाज, बीन्स, बैंगन, भिंडी, नट्स, वनस्पति तेल, मौसमी फल और सोया उत्पाद आदि शामिल कर सकते हैं।