जयपुर : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के असंतुष्ट नेता सचिन पायलट के बीच मतभेद दूर करने के लिए कांग्रेस आलाकमान द्वारा उनसे हुई चर्चा के एक दिन बाद मंगलवार को भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेशवासी अब भी पायलट से वही सवाल पूछना चाहते है जो उन्होंने राज्य में भ्रष्टाचार के संबंध में उठाए थे। वहीं, राज्य के एक मंत्री ने कहा कि जब पार्टी आलाकमान मामले को अपने हाथ में लेता है तो सभी तरह के मतभेद खत्म हो जाते हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक व प्रदेश प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कल रात दिल्ली में कहा कि अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट आगामी विधानसभा चुनाव एकजुट होकर लडऩे को तैयार हो गए हैं, लेकिन प्रदेशवासी अब भी राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) में हुए ‘भ्रष्टाचार’ को लेकर सवाल पूछना चाहते हैं जिसे पायलट ने हाल ही में उठाया था। उन्होंने सवाल किया कि ‘पायलट द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब मांगे बिना क्या राजस्थान की जनता कांग्रेस को बख्श देगी? क्या सचिन पायलट में यह कहने की हिम्मत है कि राजस्थान में भ्रष्टाचार नहीं है?