जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आता जा रहा है, वैसे-वैसे विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर होते जा रहा है। विपक्ष केंद्र सरकार को हर मुद्दे पर घेरने की कोशिश में लगा हुआ है। कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस को मिली सफलता के बाद विपक्षी दलों के  हौसले बुलंद हैें। विपक्ष को ऐसा लग रहा है कि अगर कोशिश की जाए तो प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती दी जा सकती है। नए संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर विपक्षी दलों ने समारोह का बहिष्कार कर यह दिखाने की कोशिश की है कि विपक्ष अब भाजपा के खिलाफ लामबंद हो रहा है। सीबीआई तथा ईडी की जांच का दायरा बढऩे से भी विपक्षी नेता वर्तमान सरकार से खासे नाराज हैं। विपक्ष की पहल को देखते हुए अब मोदी सरकार ने भी कमर कस ली है।

वर्तमान सरकार नौ वर्ष के शासन की उपलब्धियों को जनता के समक्ष लाने की पहल शुरू हुई है। नए संसद भवन के उद्घाटन के मौके पर भी प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों को आईना दिखाया था। अब सरकार ने अपने केंद्रीय मंत्रियों को नौ साल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए मैदान में उतार दिया है। 29 मई को विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों ने अलग-अलग राज्यों में संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर मोदी सरकार की उपलब्धियों को बताया है। असम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मोदी सरकार ने देश की राजनीति को सेवा भाव में तब्दील कर देश के गरीबों एवं निचले तबके के लोगों की सुरक्षा एवं उनके हितों को ध्यान में रखते हुए अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के नौ साल के शासन देश में 3.5 करोड़ पक्के घर का निर्माण कराकर गरीब लोगों को दिया गया है। लगभग 12 करोड़ घरों में शौचालय उपलब्ध करवाया गया है। इसी तरह 12 करोड़ घरों में नल जल की सुविधा दी गई है।

9.6 करोड़ लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया है। कोरोना काल में देश गंभीर संकट से गुजर रहा था। केंद्र सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 220 करोड़ लोगों को वैक्सीन दिलवाया। इसके अलावा 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की व्यवस्था कर उनको खाद्य सुरक्षा दी गई। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार ने खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा को विकसित करने, कनेक्टिवीटी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। वर्ष 1947 से लेकर 2014 तक देश में केवल 74 हवाई अड्डे थे, ङ्क्षकतु मोदी सरकार ने अपने नौ साल के शासन में 74 नए हवाई अड्डे का निर्माण करवा दिया। इसी तरह वर्ष 2014 तक देश में एक भी जलमार्ग नहीं था किंतु पिछले नौ साल के दौरान 111 जलमार्ग विकसित किए गए हैं। मोदी सरकार उपेक्षित पूर्वोत्तर क्षेत्र को प्राथमिकता के आधार पर विकास के मुख्य धारा से जोडऩे के लिए प्रयास किया है। असम में बोगी बिल का काम जल्द पूरा किया गया। साथ ही नए पुलों के निर्माण कार्य हाथ में लिया गया है। पूर्वोत्तर के सभी राज्यों की राजधानियों को रेल से जोडऩे की पहल हो रही है।

गुवाहाटी रेलवे स्टेशन को जापान के स्टेशन की तरह बनाने तथा पूर्वोत्तर के 59 रेलवे स्टेशनों को विश्व स्तरीय बनाने का काम चल रहा है।  गुवाहाटी से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच वंदे भारत ट्रेन शुरू हुआ है। गुवाहाटी से जोरहाट एवं डिब्रूगढ़ के लिए वंदे भारत के लिए ट्रेन शुरू होगी। भाजपा ने कहा कि उनकी सरकार ने पूर्वोत्तर के लिए पहले की सरकारों द्वारा लुक ईस्ट पॉलिसी को बदल कर एक्ट ईस्ट पॉलिसी कर दिया है। मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर के लोगों को दिल्ली से जोडऩे के लिए पहल की है। अब पूर्वोत्तर की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाता है तथा उसके हल के लिए पहल भी होती है। केंद्र सरकार में पहली बार सबसे ज्यादा पूर्वोत्तर से प्रतिनिधित्व मिला है। सरकार ने पूर्वोत्तर के लोगों में जो नाराजगी थी उसको दूर करने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल में पूर्वोत्तर के लिए विशेष जगह है। अब देखना है कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार के कामकाज का जनता पर कितना असर होता है। इससे पहले राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं तेलंगाना विधानसभा का चुनाव मोदी सरकार के लिए अग्नि परीक्षा होगी।