गुवाहाटी: असम प्रदेश कांग्रेस सचिव तथा अखिल भारतीय पेशेवर कांग्रेस असम इकाई के अध्यक्ष गौरव सोमानी ने आज राजभवन में असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मिलने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की और डा.तोशनीवाल हत्याकांड मामले को फिर से जांच कराने की मांग की। साथ ही अपनी मांग के सिलसिले में एक ज्ञापन सौंपा। सोमानी ने कहा कि प्रतिनिधि दल ने डॉ सरिता तोषनीवाल हत्याकांड को फिर से जांच करने के लिए राज्यपाल से हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया।
साथ ही तोषनीवाल परिवार को कानूनी सहायता की मांग की गई ,ताकि वे गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अपील कर सकें और डिब्रूगढ़ जिला अदालत के फैसले को चुनौती दे सकें। सोमानी ने कहा कि प्रतिनिधि दल ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश की देखरेख में हत्या के मामले को फिर से जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की। उन्होंने बताया कि डॉ सरिता तोषनीवाल हत्याकांड में शामिल असम सीआईडी के अधिकारियों की जांच की मांग करते हैं कि वे कोर्ट में डॉ. दीपमोनी सैकिया के खिलाफ पर्याप्त सबूत क्यों नहीं पेश कर पाए। सोमानी ने बताया कि राज्यपाल के सामने हम दोषी पाए गए भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राज्यपाल ने हमारी मांगे धैर्यपूर्वक सुनी और मामले को देखने का आश्वासन दिया। राज्यपाल ने कहा कि हम देखेंगे कि क्या सरकार डिब्रूगढ़ जिला अदालत के फैसले के खिलाफ और एक आरोपी डॉ. दीपमोनी सैकिया को बरी किए जाने के खिलाफ उच्च न्यायालय में शो मोटो मामला दायर कर सकती है। राज्यपाल ने यह भी आश्वासन दिया कि वह डा. सरिता तोषनीवाल हत्याकांड की जांच में लगे असम सीआईडी के अधिकारियों की विभागीय जांच के लिए मामले को डीजीपी के पास उठाएंगे, क्योंकि सीआईडी डिब्रूगढ़ जिले में मुख्य आरोपी डा. दीपमोनी सैकिया के खिलाफ पर्याप्त सबूत क्योंं नहीं पेश कर सकी। सोमानी ने कहा कि हम तब तक लड़ते रहेंगे जब तक तोषनीवाल परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।