ब्रसेल्स : यूरोपियन यूनियन (ईयू) के विदेश नीति के सर्वोच्च प्रतिनिधि जोसेप बोरेल ने एक बार फिर रूस से तेल आयात पर भारत पर निशाना साधा है। बोरेल के सुर इस बार बदले थे लेकिन वह अपनी बात को दोहराना नहीं भूले। जोसेप बोरेल ने कहा कि अगर भारत रूस से तेल खरीद रहा है तो फिर ठीक है। बोरेल ने पिछले दिनों इस बात पर आपत्ति जताई थी कि आखिर भारत, रूस से तेल खरीदकर फिर से उसे प्रोसेस करके यूरोप को बेचता है।
बोरेल का नया बयान यह बताने के लिए काफी है कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले दिनों उनके जिस नियम पर नसीहत दी थी, अब वह उन्हें शायद समझ आ गया है। वैसे बोरेल को उनके ही देश के विशेषज्ञ एक शर्मिंदगी के तौर पर देखते हैं। जोसेप बोरेल जिन्हें ईयू का कहा कि नीति गुरु कहा जाता है, उन्होंने कहा कि भारत, रूस से तेल खरीद रहा है ठीक है। यह बात भी सच है कि ईयू अपने खुद के प्रतिबंध और नियम दूसरे देशों पर थोप नहीं सकता है।
बोरेल के मुताबिक वह ऐसा इसलिए नहीं कह रहे हैं क्योंकि वह भारत के साथ किसी समस्या से बचना चाहते हैं बल्कि वह जानते हैं कि नई दिल्ली पर यूरोप की इच्छा नहीं थोप सकते हैं। इसके साथ ही वह यह कहना भी नहीं भूले कि भारत अब यूरोप को और ज्यादा प्रोसेस्ड प्रोडक्ट्स सप्लाई करने लगा है। यानी यूरोप को अभी भी रूस से सस्ता तेल मिल रहा है लेकिन तीसरे देश से।
बोरेल के सुर पिछले हफ्ते तक काफी तल्ख थे। उन्होंने मांग की थी कि भारतीय रिफाइनरीज पर एक्शन लेना चाहिए क्योंकि वह रूस से आने वाले कच्चे तेल को प्रोसेस करके यूरोप को बेच रही हैं। इसके बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ही अंदाज में उन्हें करार जवाब देकर उनका मुंह बंद कर दिया था। जयशंकर ने बोरेल को ईयू काउंसिल के उस नियम की याद दिलाई थी जिसे वह शायद भूल चुके थे।