हाई ब्लड प्रेशर, वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, यह हृदय रोगों का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं ब्लड प्रेशर बढऩे को पहले उम्र बढऩे के साथ होने वाली समस्या के तौर पर जाना जाता था, हालांकि अब कम उम्र के लोग भी इसके शिकार होते जा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक दुनियाभर में एक अरब से अधिक लोगों को ब्लड प्रेशर की समस्या है, हर चार में से एक व्यक्ति को ब्लड प्रेशर का शिकार है। उच्च रक्तचाप के बारे में जागरूकता बढ़ाने और रोकथाम के उपायों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवर्ष 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का अनुमान है कि भारत में लगभग चार में से एक वयस्क उच्च रक्तचाप से पीडि़त है, लेकिन उनमें से केवल 12 प्रतिशत का ही रक्तचाप को नियंत्रित कर पाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के कारण ब्लड प्रेशर की समस्या के शिकार कम उम्र के लोग भी होते जा रहे हैं। नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम की कमी, आहार में सोडियम की अधिकता, जंक-फास्ट फूड का अधिक सेवन आप में उच्च रक्तचाप के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। आप दिनचर्या में कुछ सामान्य से बदलाव करके भी इस जोखिम को कम कर सकते हैं।
वजन को कंट्रोल में रखें : स्वस्थ वजन बनाए रखने से आपको उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। मोटापे की समस्या के कारण उच्च रक्तचाप के अलावा मधुमेह और कई अन्य क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शारीरिक रूप से सक्रिय रहने और आहार को ठीक रखने से आपको वजन को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
संतुलित आहार और सोडियम की मात्रा कम करें: संतुलित आहार आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मददगार हो सकता है। आहार में सोडियम, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा को कम करके आप रक्तचाप को कंट्रोल कर सकते हैं। ब्लड प्रेशर को ठीक रखने के साथ कई अन्य बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए आहार में सब्जियों, फलों, साबुत अनाज और नट्स की मात्रा बढ़ाएं, ये आपको स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है। नमक की अधिकता आपके जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है।