बच्चों की लंबाई को लेकर अक्सर माता पिता चिंतित रहते हैं। कुछ बच्चों का कद बहुत जल्दी बढ़ जाता है, तो कई बच्चे अपनी आयु के मुताबिक छोटे कद के दिखते हैं।  हाइट कम होने से बच्चे के आत्मविश्वास में भी कमी आती है। लंबाई बढ़ाने को लेकर कई कारक जिम्मेदार होते हैं। कद बढ़ाने में 60 से 80 फीसदी जीन कारक होता है, जिसे लोग नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। हालांकि कई अन्य कारकों के जरिए बच्चे की हाइट को बढ़ाया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, 15 वर्ष की आयु में आते आते कई बच्चों की लंबाई धीरे या कम गति से बढऩे के कारण अभिभावक और बच्चा दोनों ही परेशान होने लगते हैं। हाइट बढ़ाने के लिए अभिभावक कई उपाय आजमाते हैं।  आइए जानते हैं कि 16 वर्ष की आयु के बाद बच्चे की लंबाई बढ़ाने के प्राकृतिक तरीके।

पोषण : शरीर के विकास के लिए सबसे जरूरी चीज हेल्दी डाइट है। अच्छा पौष्टिक नाश्ता या भोजन शारीरिक विकास में मदद करता है। एक बैलेंस डाइट प्लान बनाएं, जिसमें विटामिन और खनिजों की मात्रा अधिक हो। दूध, फल, ताजी हरी सब्जियां और काब्र्स से भरपूर खाद्य सामग्रियों को आहार में शामिल करें। इस तरह का भोजन रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के साथ ही शरीर की ग्रोथ में सहायक भी होता है।

योगाभ्यास : लंबाई बढ़ाने के लिए योगासनों का नियमित अभ्यास लाभकारी है। योगाभ्यास शरीर में रक्त परिसंचरण को सुचारू तौर पर करता है। इससे शरीर स्वस्थ और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। हड्डियों में खिंचाव आता है। लंबाई बढ़ाने के लिए बच्चे को नियमित ताड़ासन, वीरभद्रासन, भुजंगासन आदि योगासनों का अभ्यास करना चाहिए।

व्यायाम : अक्सर हाइट बढ़ाने के लिए अभिभावकों को लटकने वाले व्यायाम कराते हैं। यह प्राकृतिक तरीका भी कद बढ़ाने के लिए असरदार है। 14-15 साल की उम्र से बच्चों को नियमित लटकने वाले व्यायाम कराएं। इस तरह की एक्सरसाइज पीठ की मसल्स को ताकत देते हैं, और रीढ़ की हड्डी के कम्प्रेशन में कमी आती है। 

अच्छी नींद : शरीर की ग्रोथ और सेहत के लिए अच्छी और अबाधित नींद जरूरी है। नींद पूरी न होने से भी शारीरिक विकास रुकता है। सोते समय शरीर ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन रिलीज करता है लेकिन जब आप पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेते तो हार्मोन रिलीज नहीं हो पाते। जिससे बच्चों की ग्रोथ रुक जाती है। समुचित विकास के के लिए 8 घंटे की नींद लेना जरूरी है।