कोविड-19 की दूसरी लहर का असर राज्य में दो महीने से अधिक समय रहने के बाद भी संक्रमण दर नियंत्रण में नहीं है। राज्य के चार जिले ग्वालपाड़ा, मोरीगांव, विश्वनाथ और गोलाघाट जिले के बोकाखात महकमा में पूरी तरह से लॉकडाउन जारी है, फिर भी स्थिति स्वाभाविक नहीं हुई है। दूसरी ओर गोलाघाट, जोरहाट, शोणितपुर और लखीमपुर के कोविड की स्थिति काफी संकटपूर्ण है। गोलाघाट के बोकाखात महकमा में संपूर्ण कंटेनमेंट जारी रहने के बावजूद संक्रमण दो गुना हो चुका है। स्वास्थ्य मंत्री ने सोमवार को राज्य में कोविड की स्थिति की समीक्षा के बाद नए एसओपी जारी करने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक संक्रमण अस्वाभाविक दर में बढ़ रहे गोलाघाट, जोरहाट, शोणितपुर और मोरीगांव जिले में संपूर्ण लॉकडाउन तथा सरकारी भाषा में कठोर कंटेनमेंट घोषणा करने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के बाद इन चारों जिलों में लॉकडाउन पर फैसला आएगा। स्वास्थ्य विभाग के तथ्यों के मुताबिक गोलाघाट जिले में 2,754 लोग कोविड से संक्रमित हैं। इसके विपरीत पिछले दस दिनों में शोणितपुर में 1,990 लोग, जोरहाट में 1,693 लोग और लखीमपुर में 1,279 लोग कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं। गोलाघाट जिले में शनिवार की पॉजिटिविटी दर 3.70 प्रतिशत तक बढ़ गई है। हालांकि गोलाघाट जिले के बोकाखात महकमा में लॉकडाउन जारी है, फिर भी जिले के अन्य स्थानों पर संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। परिणामतः जिले के तीन राजस्व क्षेत्र के तहत पांच इलाकों में आज रविवार को नए तौर पर कंटेनमेंट जोन की घोषणा की गई। बोकाखात राजस्व क्षेत्र के पानबाड़ी लाइन, शिलजुरी 3 नंबर लाइन, हातीघुली 6 नंबर लाइन, डेढ़गांव के एनाईघरिया गांव के बामुनीगांव चौक व मरंगी राजस्व क्षेत्र के मुरफुलनी बागान गांव के रौमरा इलाके को माईक्रो कंटेनमेंट जोन के रूप में घोषणा की गई।