मुश्किलों और परेशानियों का क्या वह तो आती ही रहेंगी, क्योंकि वह जिंदगी का हिस्सा हैं। जब हम इस सच को मान कर अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते हैं तो वह रुकावट बनने की बजाय मददगार साबित होती हैं। ऐसी ही सोच के साथ राजस्थान का 22 वर्षीय युवक पप्पू चौधरी साइकिल से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट को फतेह करने निकला है। 4 राज्यों से होता हुआ 1,036 किमी का सफर तय करके वह गुरुनगरी (पंजाब) पहुंचा। अपनी इस यात्रा को उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को समर्पित किया है। पप्पू वर्तमान में एमए हिस्ट्री के सेकेंड ईयर के स्टूडेंट हैं। गुरुनगरी पहुंचे पप्पू ने पहले दरबार साहिब में माथा टेका और जलियांवाला बाग में शहीदों को नमन करके अटारी बार्डर देखने गए।
पप्पू ने बताया कि उनकी यात्रा साइकल से है और इसका मकसद लोगों में पर्यावरण को लेकर चेतना जागृत करना है। वह कहते हैं कि जीते-जी हमें ऑक्सीजन तथा अन्य माध्यमों से पेड़-पौधों पर निर्भर रहना पड़ता है और मरने पर भी अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी की जरूरत होती है। इसलिए इस यात्रा का स्लोगन दिया है- जीते जी करें पौधारोपण, अंतिम समय हर कोई एक पेड़ लेकर जाता है। चौधरी ने यात्रा पहली सितंबर 2022 को अपने घर से शुरू की है।
राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ के विभिन्न जिलों से होते हुए पंजाब में फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, जालंधर और फिर अमृतसर पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने 1,036 किमी का सफर तय किया है। वह अपनी इस यात्रा को मार्च 2025 में पूरा करेंगे। इस दौरान पूरे देश के भ्रमण के साथ माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई भी करेंगे। वह बेस कैंप तक साइकल से जाएंगे फिर पैदल सफर करेंगे। उन्होंने बताया इस यात्रा में उन्होंने 40,000 किमी सफर का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही एक लाख पौधे भी लगाएंगे। पप्पू ने बताया कि यात्रा में लोग मदद करते हैं लेकिन कई बार दिक्कतें भी आती हैं।