बोधगया : भगवान बुद्ध द्वारा प्रदान किए गए पंचशील सिद्धांत जीवन के प्रति सहज दृष्टिकोण का परिचय देते हैं। ऐसे में इन सिद्धांतों का पालन कोई भी कर सकता है। फिर चाहे वह किसी भी धर्म को मानने वाला हीं क्यों न हो। ये बातें बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अलेकर ने बुद्ध जयंती के अवसर पर कही।
राज्यपाल ने बुद्ध जयंती समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। इसी के साथ थेरोवाद परंपरा के बौद्ध भिक्षुओं ने सूत पाठ किया। आज भगवान बुद्ध की 2567 वीं जयंती के अवसर पर बोधगया स्थित 80फीट वाली मूर्ति से महाबोधि मंदिर तक शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें देश विदेश से आए हजारों श्रद्घालुओं ने भाग लिया। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली रहे महाबोधि मंदिर सहित पूरे बोधगया को पंचशील ध्वज से आकर्षक ढंग से सजाया गया। वहीं महाबोधि मंदिर को विभिन्न तरह के रंग -बिरंगे रोशनी की सजावट से सजाया गया था।
वहीं विश्व शांति के लिए बोधिवृक्ष के छांव में प्रार्थना की गई, जिसमें बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अलेकर, राज्य सरकार के कृषि मंत्री सर्वजीत कुमार, मगध प्रमंडल के आयुक्त व गया के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन से हमें प्रेम, शांति, सद्भाव, त्याग, करुणा, संयम एवं अहिंसा जैसे गुणों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है। उनका जीवन हम सभी के लिए आदर्श है।