फलका प्रखंड के मनरेगा मजदूर कपिलदेव मंडल लोगों को पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा दे रहे हैं। लड़की के जन्म लेने या शादी विवाह के मौके पर उपहार के रूप में पौधा देते हैं। खुद की जमीन नहीं होने पर भी नहर पर नर्सरी लगाकर छायादार व फलदार पौधे लगाकर सड़क व नहर किनारे पौधारोपण करने का काम करते हैं। इतना ही नहीं बड़े होने तक पौधे की देखभाल भी करते हैं। कपिलदेव बताते हैं कि प्रचार या शोहरत बटोरने के लिए नहीं, बल्कि समाज को पर्यावरण की रक्षा करने का संदेश देने के उद्देश्य से यह काम कर रहे हैं।

गणतंत्र दिवस हो या स्वतंत्रता दिवस। तिरंगा फहराने वाले पदाधिकारी हों या नेता सबको उपहार स्वरूप पौधा भेंट करते हैं। इसके अलावा गांव-गांव में घूम-घूमकर मुफ्त पौधा बांटते हैं। पौधा ले लो।। पौधा लगा लो और खुद को बचा लो उनका मूल मंत्र बन चुका है। उनका कहना है कि जब तक हाथ-पैर चल रहे हैं, पौधे लगाने के काम को नहीं छोड़ेंगे। प्रखंड मुख्यालय हो या थाना परिसर कपिलदेव के लगाए पौधे लहलहा रहे हैं। कपिलदेव ने न केवल अपने खेतों की मेढ़ पर बल्कि सरकारी जमीन पर भी बड़ी संख्या में पौधे लगाए हैं। अधिकतर पौधे नीम, आम, कदम या इसी तरह छांव देने वाले और पर्यावरण के लिए अनुकूल पौधे ही लगाते हैं। जहां भी पौधे लगाते हैं, बड़े होने तक उसकी देखभाल का जिम्मा भी खुद उठाaते हैं।

उनके बच्चे इस कार्य में मदद करते हैं। उनका कहना है कि यह पुण्य का काम है। पर्यावरण बचाने का सबसे अहम और सरल उपाय पौधारोपण है। कपिलदेव लोगों से एक पौधा लगाकर पर्यावरण की सुरक्षा का संकल्प दिलाते हैं। सुबह में पौधारोपण करने के बाद मनरेगा में मजदूरी का काम करते हैं। कपिलदेव अब तक 1500 से अधिक पौधे लगा चुके हैं। गांव के उपेंद्र मंडल, चंदन कुमार, अवधेश मंडल ने कहा कि गरीब मनरेगा मजदूर होते हुए भी कपिलदेव का यह प्रयास प्रशंसनीय है। स्थानीय प्रशासन को भी इसमें सहयोग करना चाहिए।