राज्य में मैट्रिक तथा हाई मदरसा के परीक्षा विहीन मूल्यांकन के लिए डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अलक कुमार बरगोहाईं के नेतृत्व में नौ सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने दो फॉर्मूले निश्चित किए है। बृहस्पतिवार को शिक्षामंत्री डॉ. रनोज कुमार पेगु की उपस्थिति में बामुनीमैदाम के असम माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता बैठक में मूल्यांकन के दोनों फॉर्मूले की व्याख्या की गई। फॉर्मूला ए की सामान्य संरचना 40+40+20 है। फॉर्मूला ए में वे परीक्षार्थी आएंगे जो 2019 या इससे पूर्व नौवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में शामिल हुए थे और जिनके दसवीं कक्षा की प्री बोर्ड टेस्ट परीक्षा में पास होने के नंबर सहित अन्य तथ्य विद्यालय में उपलब्ध हैं। फॉर्मूला ए के अंतर्गत परीक्षाथियों के मूल्यांकन के लिए नौवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा के प्रत्येक विषय से 40 प्रतिशत नंबर लिए जाएंगे। इसके साथ दसवीं कक्षा के प्रीबोर्ड टेस्ट परीक्षा में उत्तीर्ण विषयों के 40 प्रतिशत नंबर लिए जाएंगे। दसवीं कक्षा के यूनिट टेस्ट में प्रत्येक विषय में मिले नंबर के 20 प्रतिशत लिए जाएंगे। उक्त यूनिट टेस्ट ऑनलाइन भी हो सकता है। उक्त 20 प्रतिशत नंबर में ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लास में उपस्थिति दर, छात्र-छात्राओं की नियमितता और एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटीज आदि की व्यवस्था भी रहेगी। यह 20 प्रतिशत नंबर पूर्ण रूप से स्कूल के हाथों में रहेंगे, परंतु इसमें भी एक राइडर रहेगा। यह 20 प्रतिशत नंबर देते समय स्कूल के पिछले तीन सालों की मैट्रिक परीक्षा के रिजल्ट को देखा जाएगा और कितने परीक्षार्थियों को स्टार मिले थे, कितनों को फर्स्ट डिवीजन, कितनों को सेकेंड डिवीजन तथा कितनों को थर्ड डिवीजन मिले थे इन सब पर गौर किया जाएगा, इसमें 10 प्रतिशत का वेरिएशन नहीं होने दिया जाएगा। फॉर्मूला बी की सामान्य संरचना 70+30 है। फॉर्मूला बी में वे परीक्षार्थी आएंगे जो 2019 या इससे पूर्व नौवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में शामिल हुए थे और जिनके सिर्फ नौवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा में पास होने के नंबर सहित अन्य तथ्य विद्यालय में उपलब्ध हैं। जिन परीक्षार्थियों के लिए दसवीं कक्षा की टेस्ट परीक्षा तथा यूनिट टेस्ट आयोजित नहीं हुई वे भी फॉर्मूला बी के अंतर्गत होंगे। फॉर्मूला बी के अंतर्गत परीक्षार्थियों के लिए उनकी नौवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा के प्रत्येक विषयों से 70 प्रतिशत नंबर लिए जाएंगे। बाकी 30 प्रतिशत नंबर स्कूल की तरफ से यूनिट टेस्ट, होम असाइनमेंट, नियमितता, एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटीज आदि के आधार पर दिए जाएंगे। इस 30 प्रतिशत नंबर में स्कूल के पिछले तीन सालों की परीक्षाओं के परीक्षाफल से 10 प्रतिशत से ज्यादा वेरिएशन नहीं होने दिया जाएगा। फॉर्मूला बी में 1459 दिव्यांग छात्र-छात्राएं भी शामिल होंगे। अगर किसी छात्र का नौवीं कक्षा पास होने का कोई तथ्य नही है तो वह वर्तमान वर्ष में मैट्रिक या हाई मदरसा परीक्षा पास नहीं कर पाएगा। हालांकि वह अगले साल की मैट्रिक या हाइ मदरसा परीक्षा में बैठ सकेगा। वर्तमान वर्ष के मैट्रिक तथा हाई मदरसा के परीक्षाफल में कोई स्टैंड, स्टार या डिस्टिंग्शन की व्यवस्था नहीं रहेगी। निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर नंबर संग्रह करने के लिए सेबा एक ऑनलाइन पोर्टल खोलेगी जो सेबा के ऑफिसियल वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। स्कूलों को छात्र-छात्राओं के तथ्य को इस पोर्टेल पर दाखिल करना होगा।