लिवर हमारे शरीर का एक डिटॉक्स आर्गन है। यह ब्लड को क्लीन रखता है और डाइजेशन में हेल्प करता है। यह शरीर में किसी भी टॉक्सिन को रहने नहीं देता, तो ऐसे ऑर्गन को जिसका काम ही साफ सफाई है उसकी फंक्शनिंग भी नीट एंड क्लीन होनी चाहिए।
हल्दी: यह एक चमत्कारी दवा है। इसके इस्तेमाल से बनने वाला एंजायम हमारे शरीर से हानिकारक टॉक्सिन को बाहर करता है। यह लिवर सेल्स का लोड कम करती है। रात में दूध में दो चुटकी हल्दी या सुबह शहद के साथ इसका पेस्ट बनाकर लेने से आप अपने लिवर को बेहतर महसूस करवा सकते हैं।
मिल्क थिसिल्स : वंडर ड्रग है। इसमें पाए जाने वाले सिलमेरिन कंपाउंड में एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेट्री प्रॉपर्टी पाई जाती है। भारत में यह कैप्सूल और बीज के रूप में उपलब्ध है। कैप्सूल लेना है तो 200 मिग्रा। के दो कैप्सूल दिन और रात एक महीने तक ले सकते है। बीज को चाय में ले सकते हैं।
लहसुन : इसमें पाया जाने वाला सल्फर लिवर एंजाइम को एक्टीवेट करता है। इसमें एलिसिनेड और सिलेनियम कंपाउंड पाया जाता है जो लिवर को टॉक्सिक डैमेज से बचाता है। इसे रात में सोने से पहले लेना है। राइट फूड हैबिट्स : आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर का डाइजेशन और मेटाबॉलिज्म दो अलग-अलग फायर्स से होता है। लिवर एक फाईरी ऑर्गन है। इसलिए तीखा, चटपटा और बहुत गर्म हो लिवर के लिए नहीं है। पैकेज्ड फूड का केमिकल और शुगरी ड्रिंक लिवर की सेहत के दुश्मन है।
आंवला,करेला : एलोवेरा,नीम, आंवला,करेला और हल्दी लिवर को ताकतवर बनाते है। ऐवोकेडो, बादाम, पंपकिन सीड्स, सनफ्लावर सीड्स, हरी पत्तेदार सब्जियां खासकर मेथी पालक और फाइबर्स लिवर का स्ट्रेस कम करते हैं।बीटरूट और कैरेट्स नेचुरल डीटॉक्सीफायर्स की तरह काम करते है।
योगा और प्राणायाम : सूर्य नमस्कार, योग मुद्रा, पश्चिमोत्तासन, भुजंगासन, धर्नुवक्रासन और प्राणायाम लिवर के एक्सेस फैट को कम करने में मदद करते हैं। डायट की ही तरह योग और प्राणायाम हमारे लिवर के लिए बहुत जरूरी हैं।