हिन्दू धर्म में दीपक प्रज्वलित करने को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। दीपक की लौ को बहुत ही पावन और पवित्र माना गया है। सभी धार्मिक अनुष्ठानों में और प्रत्येक रीति रिवाज में दीपक जलाना शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता हैं कि दीपक जलाए बिना कोई भी पाठ पूजा संपन्न नहीं होता है उसमे दीपक की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है। आइए ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ डॉ. आरती दहिया से जानें घर के मंदिर में दीपक जलाते समय आपको किन गलतियों से बचना चाहिए जिससे आपकी समृद्धि में कोई कमी न हो सके।
दीपक जलाने की दिशा का रखें ध्यान : ज्योतिष के अनुसार दीपक जलाने से पहले उसकी दिशा का ख्याल जरूर रखना चाहिए। कभी भी पूजा के समय दीपक को किसी भी दिशा में नहीं रख देना चाहिए। गलत दिशा में रखा गया दीपक आपको नुकसान पहुंचा सकता है। मंदिर के पास दीपक जलाने के लिए हमें हमेशा पश्चिम दिशा का ध्यान रखना चाहिए।
इस दिशा में दीपक रखना पॉजिटिव एनर्जी को आकर्षित कर सकता है। घर के मंदिर में भगवान के सामने आप दो तरह के दीपक जला सकती हैं। यदि आप भगवान के दाहिने हाथ की तरफ हैं तो घी का दीपक जलाएं और भगवान के बाएं हाथ की तरफ हैं तो तेल का दीपक जलाना शुभ है।
लेकिन शास्त्रों की मानें तो घर के मंदिर में घी के दीए जलाना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। जब भी आप घर में दीपक जलाएं इस बात का ध्यान रखें कि दीपक खंडित नहीं होना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि खंडित यानि कि टूटे हुए दीपक का इस्तेमाल घर में नकारात्मकता का संकेत देता है। जब भी आप घर के मंदिर में दीपक जला रही हैं, तो आपको बत्तियों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
जब आप घी का दीपक जलाएं तो फूल बत्ती और तेल का दीपक जलाएं तो खड़ी हुई लंबी बत्तियों का इस्तेमाल करें। दीपक की बत्ती की दिशा हमेशा भगवान की तस्वीर के ठीक सामने होनी चाहिए इससे आपकी मनोकामनाएं जल्दी ही पूरी होती हैं। ज्योतिष में हमेशा सीधी बत्तियों का इस्तेमाल करना ही बेहतर होता है। दीपक की बत्ती की दिशा दक्षिण की तरफ न रखें।