खतरनाक आतंकी संगठन अलकायदा ने अतीक अहमद एवं उसके भाई अशरफ की हत्या को लेकर भारत को धमकी दी है। अलकायदा ने अपने बयान में कहा है कि अतीक की हत्या नरसंहार है जिसका बदला अलकायदा लेगा। अलकायदा के बयान ने यह साबित कर दिया है कि अतीक गैंग का संबंध अलकायदा एवं लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन से रहा है। एसआईटी द्वारा जांच के दौरान अतीक ने यह स्वीकार किया था कि उसका संबंध लश्करे तैयबा, माफिया दाऊद के डी ग्रुप तथा पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी आईएसआई से था। अतीक को आईएसआई के द्वारा हथियार मिलते थे। अतीक के सबसे विश्वासपात्र शूटर गुड्डू मुस्लिम इस काम को देखता था।
आईएसआई ड्रोन के माध्यम या पंजाब में सक्रिय हथियार माफिया के माध्यम से अतीक तक हथियार पहुंचवाता था। अलकायदा के बयान के बाद सुरक्षा एजेंसियों क चौकन्ना होना स्वाभाविक है। अतीक और अशरफ को मारने वाले तीन शूटरों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। तीनों अभी जेल में हैं, किंतु ऐसी आशंका है कि इन पर हमला हो सकता है। उधर उमेश पाल के परिवार की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह 23 अप्रैल को उमेश पाल के घर गए तथा परिवार वालों को आश्वासन दिया कि उनकी सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश पुलिस भी सुरक्षा के लिए चौकस है। अतीक की पत्नी लेडी डॉन शाइस्ता परवीन अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसको पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की कई टीमें लगातार छापा मार रही है। अतीक गैंग का सबसे महत्वपूर्ण राजदार गुड्डू मुस्लिम अभी भी उत्तर प्रदेश पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
इसके पास अतीक के साम्राज्य के बहुत सारे राज छिपे हुए हैं। इधर न्यायिक आयोग अतीक-अशरफ एनकाउंटर की जांच कर रही है। हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश राजीव लोचन मलहोत्रा की अध्यक्षता में गठित कमेटी मामले की जांच कर रही है। उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विजय कुमार इसके सदस्य हैं। दूसरे माफिया मुख्तार अंसारी पर भी शिकंजा कसने की पूरी तैयारी है। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्तार की पत्नी अफशां अंसारी को पकड़ने के लिए लुक-आउट नोटिस भी जारी कर चुकी है। शाइस्ता और अफशां को पकड़नेक लिए 50-50 हजार ईनाम रखा हुआ है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ माफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़े हुए हैं। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश से माफिया राज को मिटा देंगे।
उत्तर प्रदेश प्रशासन और कई माफियाओं की एक सूची तैयार की है जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अतीक को मारने वाले तीनों शूटरों द्वारा जैसे-जैसे राज खोला जा रहा है, उस आधार पर पुलिस अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। अतीक के पुत्र असद एवं शूटर गुलाम पहले ही 13 अप्रैल को झांसी में पुलिस के साथ हुए एनकाउंटर में मारे गए हैं। न्यायिक आयोग भी अपने जांच के दायरे में इसे शामिल कर चुकी है। अब तक के जांच से पता चलता है कि अतीक और मुख्तार गैंग का देश के बाहर के राष्ट्रविरोधी तत्वों के साथ गहरा संबंध था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और राज भी खुलेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने जो मुहिम शुरू की है उसके सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से सामने आएंगे। हर हालत में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है।